हरियाणा में शांतिपूर्ण धरना विपक्षी पार्टियों को रास नहीं आ रहा: अनिल विज

चंडीगढ़/दिल्ली/चरखी दादरी/फतेहाबाद/करनाल

हरियाणा में आरक्षण की मांग को लेकर जाटों का आंदोलन छठे दिन भी जारी रहा. फतेहाबाद के गांव ढाणी गोपाल चौंक के पास प्रशासन से इजाजत मिलने के बाद जाट समुदाय के लोग धरने पर बैठ गए. वहीं, हिंसा की आशंका के चलते सीआरपीएफ ने शहर में फ्लैग मार्च किया.

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले जाट समुदाय का धरना जारी है. जाटों के धरने को अब सांगवान खाप ने समर्थन करने का फैसला लिया है. ये फैसला चरखी दादरी में खाप प्रधान की अध्यक्षता में हुई कोर कमेटी की बैठक में लिया गया.

साथ ही बैठक में फैसला लिया गया कि 60 गांव से समाज के लोग शनिवार को चरखी दादरी में हो रहे धरने में पहुंचेंगे. वहीं, खाप की तरफ से धरने पर चंदा देने का भी फैसला किया गया है.

वहीं, हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने जाट आंदोलन को लेकर विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा है. उनका कहना है कि जाटों का शांतिपूर्ण धरना विपक्षी पार्टियों को रास नहीं आ रहा है.

उधऱ, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक आंदोलन के लिए समर्थन जुटने की कोशिशों के तहत दिल्ली के नरेला पहुंचे. हरियाणा की सीमा से सटे नरेला में जाट नेताओं ने इस दौरान अपनी मांगों को लेकर डीएम ऑफिस के बाहर धरना भी दिया.

इस दौरान यशपाल मलिक ने हरियाणा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि बारह दिनों के बाद आंदोलन हिंसक होता है तो इसके लिए हरियाणा सरकार जिम्मेदार होगी.

वहीं, जाट आंदोलन पर राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ठीक है और लोकतंत्र में सबको शांति से आवाज उठाने का हक है.

मनीष ग्रोवर ने 27 फरवरी से शुरू हो रहे हरियाणा के बजट सत्र पर कहा कि आने वाला बजट प्रदेश के हित में होगा और सबका साथ सबका विकास बजट का एजेंडा रहेगा.

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