फर्जी तरीके से सेना में भर्ती हुए 11 युवक, वेरिफिकेशन में खुली पोल

यमुनानगर

सेना में भर्ती होने के लिए 11 जवानों ने गलत रिहायशी पते और फर्जी जाति प्रमाण पत्रों को सहारा लिया। अब सेना मुख्यालय से वेरिफिकेशन आई तो जांच में फर्जीवाड़े की पोल खुल गई। सभी 11 जवानों ने सेना को दिए प्रमाण पत्रों में एक ही कॉलोनी के पते बताए हैं, जो फर्जी पाए गए। तहसील ऑफिस की ओर से जांच रिपोर्ट सेना मुख्यालय भेज दी है, जिसमें जवानों के सर्टिफिकेट केंसिल कर उनके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराने की सिफारिश की गई है।

नगर निगम तहसीलदार दर्शन बिश्नोई ने बताया कि सेना मुख्यालय से जवान सुरेश पाल, प्रदीप कुमार, संदीप कुमार, संदीप, नरेश कुमार, मोनू, दिनेश कुमार, राकेश कुमार, कुलदीप सिंह, सुमित कुमार और  भगत सिंह की वेरिफिकेशन आई थी। सभी 11 जवानों की रिहायश नगर निगम के वार्ड नंबर-5 की सरस्वती कॉलोनी दिखाई गई। जबकि सुमित और भगत सिंह ने रिहायश के साथ जाति प्रमाण पत्र भी गलत बनवाया है। बाकी नौ जवानों ने सिर्फ रिहायशी सर्टिफिकेट ही इस कॉलोनी से बनवा रखे हैं। पहले निगम अधिकारियों ने दस्तावेजों में बताए पते की जांच की तो कोई नहीं मिला और सभी पते गलत पाए। इसके बाद निगम व पार्षद की मोहरें और साइन भी फर्जी पाए गए। निगम के बाद हलका पटवारी की जांच में भी उक्त पतों पर कोई नहीं मिला। जवानों और  उनके परिजनों को जांच में शामिल करने के लिए नंबरदार के जरिए मुनियादी कराई गई। जांच में शामिल न होने पर आदेश दीवार पर चस्पाए गए, लेकिन कोई नहीं पहुंचा।

साजिश के तहत किया फर्जीवाड़ा : पार्षद
वार्ड नंबर-5 के पार्षद देवेंद्र सिंह ने बताया कि फर्जी रिहायशी व जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम किया गया है। दस्तावेजों पर उसकी मोहर का इस्तेमाल किया गया है। देवेंद्र ने कहा कि वे खुद पूरे मामले की जांच के लिए दस्तावेज में दिखाए रिहायशी पतों की जांच के लिए मौके पर गए। पर सभी पते फर्जी पाए गए। साजिश के तहत ये फर्जीवाड़ा हुआ। पार्षद ने दस्तावेज बनाने व बनवाने वालों को गिरफ्तार करने की बात कही है।

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