टिम कुम ने ट्रंप के ऑर्डर के खिलाफ खोला मोर्चा, लीगल एक्शन लेने की बात कही

वॉशिंगटन

एप्पल के सीईओ टिम कुक ने डोनाल्ड ट्रम्प की इमिग्रेशन पॉलिसी पर सवाल उठाए हैं। कुक ने कहा, “ट्रम्प के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के चलते उनके इम्प्लॉइज पर बुरा असर पड़ रहा है। मैं इसके खिलाफ लीगल एक्शन लेने के बारे में सोच रहा हूं।” इससे पहले गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई भी ट्रम्प के ऑर्डर को क्रिटिसाइज कर चुके हैं।

– वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक कुक ने कहा, “ट्रम्प के इमिग्रेशन बैन के चलते मेरे इम्प्लॉइज पर असर पड़ रहा है।”
– “मुझे उम्मीद है कि व्हाइट हाउस इस ऑर्डर को वापस ले लेगा। लेकिन अगर ऐसा नहीं होता है तो हमारी कंपनी इसके विरोध में कोर्ट जाएगी।”
– कुक ने ये भी कहा कि वे इसके लिए व्हाइट हाउस के सीनियर अफसरों से बात भी कर चुके हैं।
– हालांकि उन्होंने ये साफ नहीं किया कि उनकी किन अफसरों से बात हुई।
– बता दें कि ट्रम्प ने दिसंबर में कुक समेत कुछ टेक कंपनियों के लीडर्स से कहा था कि वे उन्हें पर्सनली कॉल करेंगे।
‘हम दुनियाभर से आने वालों का वेलकम करता हैं’
– कुक के मुताबिक, “किसी और देश की तुलना में हमारा देश इसलिए मजबूत है क्योंकि हमें इमिग्रेंट्स का सपोर्ट है।”
– “ये हमारी कैपेसिटी और एबिलिटी ही है कि हम दुनियाभर से आने वाले लोगों का तहेदिल से स्वागत करते हैं। यही हमें खास बनाता है।”
– “इसे रोकने वाले नियम को हमें विराम देना होगा और गंभीरता से सोचना होगा।”
– कुक ने बताया कि उनके इम्प्लॉइज, नए इमिग्रेशन ऑर्डर को लेकर डरे हुए हैं और उन्हें लगातार ईमेल कर रहे हैं।
क्या है स्थिति?
– माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन और एक्सपीडिया जैसी कंपनियों ने ऑर्डर वापस लेने के लिए वॉशिंगटन अटॉर्नी जनरल के खिलाफ केस दायर किया है।
– गूगल ने तो बैन के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए एक फंड ही डिक्लेयर कर दिया है। ‘नेटफ्लिक्स’ के सीईओ रीड हेस्टिंग ने ऑर्डर को गैर-अमेरिकी करार देते हुए सबको दुख देने वाला बताया है।
– एप्पल समेत कई बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों में मुस्लिम देशों के कई लोग काम करते हैं।

क्या है ट्रम्प का ऑर्डर?
– ट्रम्प ने 7 मुस्लिम देशों इराक, ईरान, सूडान, सीरिया, लीबिया, सोमालिया और यमन से आने वाले लोगों पर बैन लगाने की बात कही थी।
– व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ द स्टाफ रींस प्रीबस ने कहा, “हमने इन 7 देशों को चुना तो इसकी एक खास वजह है।”
– “कांग्रेस और ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन, दोनों ने इन 7 देशों की पहचान कर रखी थी कि वहां खतरनाक आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है।”

120 दिन तक अमेरिका नहीं आ सकेंगे रिफ्यूजी
– यूएस रिफ्यूजी एडमिशन्स प्रोग्राम को 120 दिन के लिए बंद कर दिया गया है। ये तभी शुरू किया जाएगा जब ट्रम्प कैबिनेट के मेंबर्स उसकी अच्छी तरह जांच कर लेंगे।
– ऑर्डर के मुताबिक, इराक, ईरान, सीरिया, सूडान, लीबिया, सोमालिया और यमन के लोग भी 90 दिन तक अमेरिका में एंट्री नहीं ले सकेंगे। उन्हें वीजा नहीं मिलेगा।

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