बजट 2017: जानिए, अब आपकी इनकम पर कितना लगेगा टैक्स

दिल्ली

इस बार 2017-18 के बजट में टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव किया गया है. इस बदलाव के बाद व्यक्तिगत टैक्स देने वालों के लिए टैक्स में छूट मिली है और उन्हें पहले के मुकाबले कम टैक्स अदा करना होगा.

वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने 2017-18 के बजट में 2.5 लाख रुपये और 5 लाख रुपये के बीच की आय वाले व्‍यक्तिगत टैक्स पेयर्स के लिए कराधान की मौजूदा दर को मौजूदा 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है. जिससे 5 लाख रुपये से कम आय वाले सभी करदाताओं की कर देनदारी घटकर शून्‍य (छूट सहित) हो जाएगी या उनकी मौजूदा देनदारी का 50 प्रतिशत रह जाएगी.

लाभार्थियों के इस समूह को उपलब्‍ध छूट के मौजूदा लाभ को घटाकर 2500 रुपये किया गया है, जो 3.5 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले टैक्स पेयर्स के लिए ही उपलब्‍ध है.

इन दोनों उपायों का संयुक्‍त प्रभाव यह होगा कि प्रति वर्ष 3 लाख रुपये तक की आय वाले व्‍यक्तियों के लिए कर देनदारी शून्‍य होगी और 3 लाख रुपये से लेकर 3.5 लाख रुपये तक की आय वाले व्‍यक्तियों के लिए कर देनदारी मात्र 2500 रुपये होगी.

चूंकि 5 लाख रुपये तक की आय वाले करदाताओं की कर देनदारी घटाकर आधी की जा रही है, इसलिए बाद के स्‍लैबों में आने वाले करदाताओं की सभी अन्‍य श्रेणियों को भी प्रति व्‍यक्ति 12,500 रुपये का एक समान लाभ मिलेगा. इस उपाय के फलस्‍वरूप सरकार द्वारा परित्‍यक्‍त की जा रही कुल कर राशि 15,500 करोड़ रुपये बनती है.

इस राहत के कारण होने वाली राजस्‍व हानि के कुछ भाग की प्रतिपूर्ति के लिए उन टैक्स पेयर्स पर देय कर का 10 प्रतिशत अधिभार (सरचार्ज) के रूप में लगाने का प्रस्‍ताव किया गया है, जिनकी वार्षिक कर योग्‍य आय 50 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक है। इससे सरकार को 2,700 करोड़ रुपये का अतिरिक्‍त राजस्‍व प्राप्‍त होने की संभावना है.

आय में कितनी छूट मिली है और कितने रुपए की बचत होगी-

INCOME TAX की दरों का प्रभाव और बचत

व्यक्तिगत टैक्स पेयर्स

– 3 लाख रुपए तक: कोई टैक्स नहीं

– 3 लाख से 5 लाख रुपए तक: 5 फीसदी टैक्स, 7725 रुपए की बचत होगी

वरिष्ठ नागरिक के लिए

– 3 लाख रुपए तक: कोई टैक्स नहीं

– 3 लाख से 5 लाख रुपए तक: 5 फीसदी टैक्स, 2575 रुपए की बचत

– 5 लाख से 10 लाख रुपए तक: 20 फीसदी टैक्स, 7725 रुपए की बचत

वैसे वरिष्ठ नागरिक जिनकी उम्र 80 साल या उससे ज्यादा है

– 5 लाख रुपए तक: कोई टैक्स नहीं

– 5 लाख से लेकर 10 लाख रुपए तक: 20 फीसदी टैक्स, 7725 रुपए की बचत

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