विदेश भेजने के नाम पर फ्रॉड, कई दिन तक टॉर्चर भी किया

लुधियाना

कनाडा भेजने के नाम पर नौजवानों को बैंकॉक में बनाए अवैध टॉर्चर रूम में कई दिनों तक अवैध हिरासत में रखकर खतरनाक शारीरिक यातनाएं देकर लाखों रुपए लूटने वाले एक गिरोह के चंगुल से छूटकर वापस पंजाब पहुंचे एक पीड़ित नौजवान व उसके परिवार ने कमिश्नर ऑफ पुलिस जतिंद्र सिंह औलख से मिलकर न सिर्फ इंसाफ की गुहार लगाई है, बल्कि बैंकॉक के टॉर्चर रूप में तड़प रहे बाकी नौजवानों को भी रिहा करवाने की अपील की है।

आपबीती सुनाते हुए 14 दिनों तक बैंकॉक में टॉर्चर रूम में आरोपियों की हैवानियत को झेलने वाले 30 वर्षीय नवप्रीत सिंह ने जो कहानी बयां की, वह रौंगटे खड़े कर देने वाली है। दुगरी फेज-5 में रहने वाले नवप्रीत के जीजा राजिंद्र सिंह ने बताया कि उसका बड़ा साला कई वर्षों से कनाडा में रह रहा है और उसके सास-ससुर के पास भी मल्टीपल वीजा है परंतु नवप्रीत का वीजा नहीं लग पाने के कारण उन्होंने किसी ऐसे एजैंट की तलाश शुरू कर दी, जो उसे कनाडा भेज सके। इस दौरान उन्हें पता चला कि मलोट में रहने वाला ओंकार सेखों कानूनी ढंग से कनाडा भेजने का काम करता है और इस काम में खर्च आने वाली रकम भी बाद में लेता है। इस पर उन्होंने मलोट में उसके घर जाकर मीटिंग की तो ओंकार ने बताया कि उनके बॉस प्रीत ग्रेवाल खुद भी कनाडा के सिटीजन हैं और वह भी कनाडा ले जाने का काम करते हैं, क्योंकि अम्बैसी में उनकी खासी पकड़ है। ओंकार सेखों ने स्पष्ट किया कि पूरे काम पर 15 लाख रुपए का खर्च आएगा व एक भी रुपया पहले नहीं लिया जाएगा। जब आपका आदमी कनाडा पहुंचकर आपको सूचित करेगा, तब ही वह 15 लाख रुपए लेंगे।

कनाडा भेजने के नाम पर की ठगी
शातिर आरोपी द्वारा बिछाए जाल में वह इसलिए आसानी से फंस गए कि उसका बड़ा साला कनाडा में है, जब नवप्रीत वहां पहुंचकर उससे मिल लेगा, तब वह तय रकम सौंप देंगे। 10 जनवरी को उन्हें ओंकार ने बुलाकर न सिर्फ नवप्रीत के नाम पर कनाडा का पेपर वीजा दिलवाया, बल्कि कतर एयरलाइन की 13 जनवरी की टिकट भी दिखाई, जिसकी पुष्टि करने के लिए उन्होंने वीजा लैटर कनाडा बैठे अपने साले को भेजा, जिसने अम्बैसी में चैक कर सही पाया। पूरी तसल्ली होने पर 12 जनवरी को ओंकार ने नवप्रीत को बैंकॉक से कनाडा भेजने का भरोसा दिया और उन्होंने 3200 डॉलर देकर नवप्रीत को रुख्सत कर दिया व उसे शब्दों में कोड बता दिया। नवप्रीत ने बताया कि अगले दिन 4 लोग उसे बैंकॉक के पतूनाम शहर के जिस होटल में वह ठहरा था, वहां से कनाडा भेजने की बात कहकर एक अज्ञात स्थान पर ले गए, जहां अलग-अलग कमरे बने हुए थे। जाते ही उन्होंने नवप्रीत से नकदी, पासपोर्ट, मोबाइल व अन्य सामान छीनकर उसे नग्र अवस्था में कुर्सी से बांध दिया। रात को नशे में चूर होकर वापस आए आरोपियों ने डंडों व बेसबॉल के साथ उसे बुरी तरह से पीटना शुरू कर दिया व परिवार द्वारा पैसों की अदायगी संबंधी बताए कोड संबंधी पूछने लगे।

15 लाख रुपए की रकम भी वसूली
आरोपियों ने कई बार आपस में यह फैसला किया कि जिस युवक के पारिवारिक मैम्बर तय रकम दिल्ली में उनके एजैंट ओंकार सेखों को नहीं चुकाते हैं तो उसे मारकर शहर में बहते दरिया में फैंक दिया जाए। लगभग 15 दिनों तक दिन-रात उनके साथ आरोपी मारपीट करते रहे। आखिरकार कोड बताने पर आरोपियों ने दिल्ली में उसके परिवार से 15 लाख रुपए की रकम भी वसूल ली परंतु उसे नहीं छोड़ा। 27 जनवरी को आरोपियों ने उसे बैंकॉक से कोलकाता की टिकट थमाते हुए चुपचाप वापस भारत चले जाने के लिए कहा और बताया कि सकुशल घर वापस जाने वाले चंद युवकों में वह भी शामिल है। कोलकाता पहुंचकर उसने परिवार को सारी घटना की जानकारी दी, जिन्होंने उसके वापस आने का इंतजार किया।

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