बजट 2017-18: अरुण जेटली ने खोला पिटारा, टैक्स में दी छूट, जानें और क्या है खास

दिल्ली

लोकसभा में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए बजट पेश कर दिया. इस बार का बजट ऐतिहासिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहली बार रेल बजट भी आम बजट के अंतर्गत पेश किया गया. बजट में वित्त मंत्री ने इस साल का खर्च 21.47 लाख करोड़ रखा है, इसके साथ ही रक्षा बजट 2.74 लाख करोड़ आवंटित किया गया है.

बजट 2017-18 में अरुण जेटली ने कई अहम घोषणाएं की हैं. सबसे अहम इनकम टैक्स में छूट को माना जा रहा है. वित्त मंत्री ने 3 लाख तक आय वालों को इनकम टैक्स में पूरी तरह से राहत देते हुए टैक्स पूरी तरह समाप्त कर दिया है. वहीं, 5 लाख तक आय पर टैक्स को 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है. इसके अलावा, 5 लाख से ज्यादा की आय पर इनकम टैक्स में 12,500 रुपए की छूट दी गई है.

वहीं, सरकार ने राजनीतिक चंदे पर सख्त रुख अपनाते हुए नगद चंदा को 2 हजार रुपए तक सीमित कर दिया है. इससे ज्यादा के चंदे के लिए राजनीतिक पार्टियों को अब कैशलेस पेमेंट का सहारा लेना पड़ेगा. 2 हजार से ज्यादा के चंदे के लिए अब राजनीतिक दलों को जवाब भी देना होगा.

वित्त मंत्री के बजट पेश करने से पहले सदन में लोकसभा सांसद ई. अहमद के निधन पर शोक व्यक्त किया गया. वहीं, उनके निधन पर कांग्रेस सांसदों ने लोकसबा स्पीकर से बजट को कल पेश किए जाने की अपील की और शुरुआती कार्यवाही के दौरान हंगामा भी किया. लेकिन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कांग्रेस की अपील को खारिज कर दिया और वित्त मंत्री को बजट पेश करने की इजाजत दे दी.

वित्त मंत्री ने बजट पेश करने के दौरान बताया कि मंदी के बीच भारत उभरते सितारा की तरह दुनिया के सामने पेश हो रहा है. भारत विश्व में सबसे बड़ा विनिर्माणकारी देश बन गया है. उन्होंने कहा, दुनिया में मंदी के दौरान भारत में विकास के स्तर में इजाफा हुआ है और विकास को गरीबों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है साथ ही हमने महंगाई पर काबू पाया है. वहीं, जीएसटी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए GST लाया जा रहा है.

आरुण जेटली ने कहा, नोटबंदी से बैंकों में नगदी बढ़ी है, नगदी बढ़ने से बैंकों की हालत सुधरी, साथ ही रिजर्व बैंक अधिनियम में संशोधन हुआ है. उन्होंने कहा, देश से गरीबी खत्म करना सरकार का मकसद है.

बजट 2017-18 की अहम घोषणाएं-

किसानों को 10 लाख करोड़ रुपए कृषि कर्ज के तौर पर देंगे- जेटली

किसानों की आय को 5 साल में दोगुना करने का लक्ष्य- जेटली

मनरेगा के लिए धन का आवंटन बढ़ाया, 48 हजार करोड़ किया गया मनरेगा बजट- जेटली

2019 तक बेघरों के लिए 1 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य- जेटली

ग्रामीण, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए 1,87,223 करोड़ रुपए का आवंटन- जेटली

2018 तक देश के सभी गांवों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य- जेटली

देश भर में 600 से ज्यादा जिलों में प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र खोले जाएंगे- जेटली

सड़क निर्माण की गति बढ़कर प्रति दिन 133 कि. मी. हो गई- जेटली

IIT, मेडिकल जेसी परीक्षाओं के लिए नई बॉडी बनेगी, CBSE और AICTE टेस्ट नहीं लेंगी.

मेडिकल के पीजी कोर्स के लिए 5 हजार सीटें बढ़ाई जाएंगी- जेटली

झारखंड और गुजरात में 2 नए AIIMS बनेंगे- जेटली

5 साल के लिए रेल सेफ्टी पर एक लाख करोड़ खर्च करेंगे- जेटली

IRCTC से ई-टिकट बुक करने पर सर्विस टैक्स नहीं लगेगा- जेटली

पीपीपी मॉडल से छोटे शहरों में एयरपोर्ट बनाएंगे- जेटली

रेलवे के लिए 1,31,000 करोड़ रुपए की कुल पुंजी और विकास संबंधी व्यय- जेटली

राजमार्गों के लिए 2017-18 में 64,900 करोड़ रुपए का आवंटन- जेटली

वित्तीय क्षेत्र के लिए कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल का गठन होगा- जेटली

2017-18 में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड समाप्त किया जाएगा- जेटली

व्यापारियों के लिए कैशबैक स्कीम, भीम ऐप को बढ़ावा दिया जाएगा- जेटली

डिफॉल्टरों के लिए सख्त कानून बनेगा, देश से भागने वालों की संपत्ति जब्त होगी- जेटली

2017-18 के लिए 21.47 लाख करोड़ खर्च करेगी सरकार, रक्षा बजट 2.74 लाख करोड़- जेटली

सिर्फ 24 लाख लोग 10 लाख से अधिक आय बताते हैं- जेटली

99 लाख लोगों ने 2.5 लाख से कम आय बताई- जेटली

नोटबंदी से लोगों को आय बतानी पड़ी और ज्यादा टैक्स भरना पड़ा- जेटली

50 करोड़ तक सालान टर्न ओवर वाले को 25 प्रतिशत टैक्स- जेटली

छोटी कंपनियों को टैक्स में 5 प्रतिशत की छूट- जेटली

सरकार ने SIT का सुझाव माना, 3 लाख से अधिक का कैश लेनदेन नहीं होगा- जेटली

राजनीतिक चंदे पर बड़ा फैसला- नगद चंदा 2 हजार रुपए से ज्यादा नहीं

3 लाख तक आय पर कोई टैक्स नहीं, 5 लाख तक आय पर 5 प्रतिशत टैक्स- जेटली

5 लाख से ज्यादा की आय पर 12,500 रुपए की छूट- जेटली

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