SC ने जलीकट्टू पर स्टे लगाने से इंकार किया, राज्य सरकार से 6 हफ्तों में मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जलीकट्टू पर स्टे लगाने से इनकार करते हुए तमिलनाडु सरकार से नए ऐक्ट पर नोटिस जारी करते हुए 6 हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है। कोर्ट ने अपने आदेश की लोगों द्वारा अवहेलना होने पर राज्य सरकार को घेरते हुए प्रदर्शन के दौरान लॉ ऐंड ऑर्डर संभाल न पाने पर लताड़ भी लगाई।

सुप्रीम कोर्ट ने विवादित ‘खेल’ पर 2014 में रोक लगा दी थी। तमिलनाडु सरकार के वकील को फटकारते हुए कहा, ‘अपनी सरकार से कह दें कि सभ्य समाज में लॉ ऐंड ऑर्डर सबसे पहली चीज है जिसके साथ समझौता नहीं किया जा सकता।’ पिछले बुधवार को जानवरों के लिए काम करने वाले संगठनों ने तमिलनाडु सरकार द्वारा जलीकट्टू के समर्थन में पारित किए गए नए कानून को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। संगठनों की मांग थी कि इस खेल को तुरंत खत्म किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट में ऐनिमल वेलफेयर बोर्ड और दूसरे संगठनों ने जलीकट्टू पर पुन: प्रतिबंध को लेकर याचिका दायर की थी। संगठनों का कहना था कि राज्य सरकार का ऐक्ट असंवैधानिक और गैरकानूनी है। जलीकट्टू के समर्थन में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद राज्य सरकार ने 23 जनवरी को जलीकट्टू के समर्थन में बिल पास किया था।

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