संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश, GDP 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान

दिल्ली

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश कर दिया है. वर्ष 2016-17 में 6.75% से 7.5% की दर से आर्थिक वृद्धि का अनुमान लगाया गया है.

औद्योगिक उत्पादन में जहां पिछले साल के मुकाबले गिरावट दर्ज की गयी, वहीं कृषि क्षेत्र में तीन साल का सबसे बढ़िया प्रदर्शन दर्ज किया गया है. औद्योगिक सेक्टर चालू वित्त वर्ष में 5.2 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है एग्रीकल्चर सेक्टर में 4.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जो पिछले साल कृषि क्षेत्र में 1.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी थी.

आर्थिक सर्वे में गरीबी उन्मूलन के लिए स्टेट सब्सिडी की जगह यूनिवर्सल बेसिक इनकम पर जोर दिया गया है. आर्थिक सर्वे में तीन सेक्टर्स फर्टिलाइजर, सिविल एविएशन, बैंकिंग के निजीकरण पर जोर दिया गया है. आज जारी आर्थिक सर्वे में नोटबंदी के बाद देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे विपरीत प्रभावों का जिक्र किया गया है. हालांकि, यह भी कहा गया है कि निकट भविष्य में नोटबंदी का इकोनॉमी का अच्छा प्रभाव पड़ेगा.

बता दें कि आर्थिक समीक्षा आमतौर पर बजट से एक दिन पूर्व पेश की जाती है. इकोनॉमिक सर्वे में पूरे साल भर का लेखा-जोखा रहता है. आंकड़ों के साथ देश की मौजूदा आर्थिक हालत का ब्यौरा दिया जाता है. सालभर में देश में विकास का ट्रेंड क्या रहा, किस क्षेत्र में कितना निवेश हुआ, किस क्षेत्र में कितना विकास हुआ, किन योजनाओं को किस तरह अमल में लाया गया, जैसे सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाती है.

अर्थव्यवस्था, पूर्वानुमान और नीतिगत स्तर पर चुनौतियों संबंधी विस्तृत सूचनाओं का भी इसमें समावेश होता है. इसमें क्षेत्रवार हालातों की रूपरेखा और सुधार के उपायों के बारे में बताया जाता है. भविष्य के आर्थिक नीतियों के लिए यह उपयोगी साबित होती है.

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