जियो के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है आइडिया और वोडाफोन का विलय

दिल्ली

भारतीय टेलिकॉम बाजार में सोमवार को एक बड़ी हलचल तब दिखी जब वोडाफ़ोन इंडिया ने आयडिया सेलुलर के साथ विलय पर चर्चा की पुष्टि की. रिलायंस जियो के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए इसे एक बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है.

वोडाफोन ने कई महीनों के अंदेशे के बाद सोमवार को आदित्य विक्रम बिड़ला समूह की कंपनी आयडिया सेलुलर के साथ विलय की खबर को सही बताया. इस विलय के बाद इन दोनों के विलय से बनी कंपनी दूरसंचार क्षेत्र में इस देश की सबसे बड़ी कंपनी होगी.

जानकारों का मानना है कि आइडिया-वोडाफोन विलय से मार्केट में वोडाफोन इंडिया की स्थिति मजबूत होगी, जबकि महानगरों में आइडिया की पकड़ मजबूत होगी. विलय के बाद ग्राहक और आय के लिहाज से ये सबसे बड़ी कंपनी सामने आएगी.

इस डील के बाद वोडाफोन की भारत में लिस्टिंग आसान होगी. सीएलएसए का मानना है कि डील के बाद वित्त वर्ष 2019 तक वोडाफोन का आय में 43 फीसदी मार्केट शेयर हो जाएगा. इस खबर के बाद आयडिया के शेयरों में 29 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई.

वोडाफोन ने इस बात की पुष्टि की है कि आयडिया सेलुलर के साथ उसकी भारतीय इकाई वोडाफोन इंडिया के विलय को लेकर आदित्य बिड़ला समूह से चर्चा जारी है. हालांकि, इसमें इंडस टावर्स और आइडिया में वोडाफोन की 42 फीसदी हिस्सेदारी शामिल नहीं है.

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