बजट 2017: आपकी जेब पर बढ़ेगा बोझ, सर्विस टैक्स बढ़ा सकती है सरकार

दिल्ली

जीएसटी को लागू करने की तैयारियों के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली आगामी बजट में सर्विस टैक्स को बढ़ाकर 16 से 18 पर्सेंट करने का ऐलान कर सकते हैं. फिलहाल देश में सर्विस टैक्स की दर 15 पर्सेंट है. सर्विस टैक्स की दरें बढ़ने से फोन, उड़ान, रेस्तरां और तमाम अन्य प्रकार की सेवाओं का उपभोक्ताओं पर टैक्स का बोझ बढ़ जाएगा.

जीएसटी के लागू होने पर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से लगाए जाने वाले तमाम अप्रत्यक्ष कर इसमें समाहित हो जाएंगे. आम बजट इस बार बुधवार को पेश किया जाएगा और बजट तथा वित्त विधेयक पारित कराने की पूरी प्रक्रिया नया वित्त वर्ष शुरु होने से पहले सम्पन्न करा ली जाएगी, ताकि 1 अप्रैल से ही विभाग अपने लिए प्रस्तावित बजट राशि का उपयोग शुरू कर सकें.

जीएसटी में टैक्स की दरों को 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत के स्तर पर रखने का निर्णय किया गया है. टैक्स एनालिस्ट्स के मुताबिक सर्विस टैक्स की दर को इस बार के बजट में उपरोक्त में से किसी एक स्तर के नजदीक ले जाना तर्कसंगत होगा.

फिलहाल सर्विस टैक्स की दर 15 पर्सेंट हैं, ऐसे में इसे 16 प्रतिशत के स्तर के करीब ले जाया जाना स्वाभाविक माना जाएगा. जेटली ने अपने पिछले बजट में सर्विस टैक्स की दर को 0.5 पर्सेंट बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था.

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