जाट आरक्षण आंदोलन कल से, हरियाणा के कई हिस्सों में धारा 144 लागू

चंडीगढ़

हरियाणा के जाट संगठनों ने मनोहर लाल सरकार पर आरक्षण की अपनी मांग को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए राज्य के 19 जिलों में फिर से आंदोलन करने की चेतावनी दी है.

जाट नेता यशपाल मलिक की अगुवाई वाली अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने 29 जनवरी से आंदोलन की चेतावनी दी है. इसके मद्देनजर गुड़गांव और रोहतक जिला प्रशासन ने एहतियातन जिले के कई हिस्सों में धारा 144 लगा दिया है.

जानकारी के मुताबिक, गुड़गांव और रोहतक दोनों जिलों में रेलवे स्टेशनों सहित राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से करीब 500 मीटर की दूरी में पांच या उससे अधिक लोगों के जमावड़े पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

रोहतक में जगह-जगह पुलिस नाके लगाए गए हैं. रोहतक रेंज के आईजी नवदीप सिंह विर्क ने खुद पुलिस नाकों का जायजा लिया. आईजी ने कहा कि पुलिस प्रशासन हर प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए तैयार है. साथ ही उन्होंने लोगों से भी सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है.

हरियाणा सरकार ने राज्य में 7,000 होमगार्डों की तैनाती के अलावा केंद्र से अर्धसैनिक बलों की 55 कंपनियों की मांग की है, ताकि किसी भी तरह की स्थिति से निपटा जा सके. पिछले साल जाट आंदोलन में 30 लोगों की मौत हो गई थी और व्यापक तोड़फोड़ की घटनाएं हुयी थीं.

पिछले साल की हिंसा में गुड़गांव, रोहतक, सोनीपत एवं झज्जर सहित कुछ पड़ोसी जिले बुरी तरह प्रभावित हुए थे. कई दिनों तक ट्रेनों का आवागमन बाधित रहा था. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में होनेवाले दूध, फल और सब्जी की सप्लाई पर भी बुरा असर पड़ा था.

उधर, सोनीपत की छोटूराम धर्मशाला में हरियाणा और दिल्ली के खाप पंचायतों की महापंचायत हुई, जिसमें जाट आरक्षण आंदोलन को खापों ने समर्थन नहीं करने का फैसला लिया है.

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