पुलिस के सख्त पहरे में पहली बार PAK में ट्रांसजेंडर्स ने मनाया बर्थडे

पाकिस्तान में बीते करीब एक दशक में पहली बार ट्रांसजेंडर्स ने कोई सेलिब्रेशन किया है। आमतौर पर यहां ट्रांसजेंडर भारत की ही तरह शादी-पार्टियों में नाचते-गाते हैं, लेकिन इनके प्रोग्राम्स में वॉयलेंस का खतरा रहता है। ऐसे में, इन्हें किसी सेलिब्रेशन की इजाजत मुश्किल से मिलती है। इस बार 40 साल के एक ट्रांसजेंडर के बर्थडे सेलिब्रेशन का जो प्रोग्राम हुआ, उसमें पुलिस का सख्त पहरा लगाया गया था।

पाकिस्तान में 5 लाख ट्रांसजेंडर्स हैं
– ट्रांसजेंडर पाकिस्तान की लीडर फरजाना जान ने बताया, “ऐसा एक दशक में पहली बार हुआ है, जब हमने खुले तौर पर ऐसा सेलिब्रेशन किया है।”
– बता दें कि पाकिस्तान की 19 करोड़ पॉपुलेशन में करीब 5 लाख ट्रांसजेंडर हैं।
– सिटी अथॉरिटी यहां ट्रांसजेंडर्स को बमुश्किल पार्टी करने की इजाजत देती है और उनके यहां पुलिस अक्सर छापे मारते रहती है।
पिछले साल एक ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट की हत्या हो गई थी
– पिछले साल एक ट्रांसजेंडर एक्टिविस्ट को छह गोलियां मारी गई थीं। पेशावर हॉस्पिटल में उसका इलाज करने से मना कर दिया गया। इसके बाद उसकी मौत हो गई थी।
– माना जा रहा है कि इस घटना के बाद एडमिनिस्ट्रेटर्स के रुख में ट्रांसजेंडर्स को लेकर नरमी आई है।
– रविवार को हुई पार्टी के लिए भी लिखित में परमिशन नहीं दी गई थी, लेकिन इसे बैन भी नहीं किया गया।
– सेलिब्रेशन में दरवाजे पर पुलिस लगाई गई थी। हर एक आने-जाने वाले की जांच की गई कि कहीं उसके पास हथियार तो नहीं हैं।
– जिन्हें इनवाइट नहीं किया गया था, उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया।

शकीला की बर्थडे पार्टी थी
– यह सेलिब्रेशन शकीला नाम के एक ट्रांसजेंडर के बर्थडे पर रखा गया था।
– यह वह मौका था, जिसमें मिडल एज ट्रांसजेंडर की लाइफ को सेलिब्रेट करते हैं।
– इसमें आने वाले मेहमान तोहफे के रूप में उसे पैसा देते हैं, ताकि वह छोटा-मोटा बिजनेस या कोई काम शुरू कर सके।

जिंदगी में एक बार जरूर मनाते हैं बर्थडे
– कार्यक्रम में आए लोगों ने बताया कि हर ट्रांसजेंडर के लिए उसके जीवन में कम से कम एक बर्थडे पार्टी जरूर रखी जाती है।
– शकीला ने न्यूज एजेंसी को बताया, “काफी वक्त से अथॉरिटी से हमें सेलिब्रेशन की इजाजत नहीं मिल रही थी। ऐसे में, मुझे डर था कि मेरी जिंदगी में यह मौका शायद ही आए।”
– “यह मेरी जिंदगी का पहला और आखिरी बर्थडे सेलिब्रेशन था। यह जिंदगी का बेहद अहम और सबसे ज्यादा खुशी देने वाला मौका था।”

पाकिस्तान में पहली बार हुई ट्रांसजेंडर की गिनती
– पाकिस्तान में पहली बार इसी महीने ट्रांसजेंडर को सेन्सस में शामिल किया गया है।
– 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बराबर का हक देने का एलान किया था।
– एक साल पहले ही पाकिस्तान में ट्रांसजेंडर्स को वोट देने की इजाजत मिली है।
– हालांकि, एक्टिविस्ट इन्हें अभी और हक दिलाने की कोशिशों में लगे हैं।

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