इटली में बर्फ के नीचे कई दिन तक दबा रहा पर्यटक, पढ़ें जिंदा रहने के लिए क्या खाया

इटली में पिछले हफ्ते ताकतवर भूकंप के झटकों के बाद आए एवलांंच से ग्रेन्ड सेसो पर्वत पर मौजूद लग्जरी होटल रीगोपीआनो पूरी तरह से बर्फ के नीचे दब गया था। कई घंटों तक चले बचाव अभियान के बाद बर्फ के नीचे दबे पांच बच्चों समेत दस लोगों को बचा लिया गया। रेस्क्यू टीम ने पांच लोगों की बॉडी को भी निकाला। अभी भी 22 लोग लापता बताए जा रहे हैं। 1.20 लाख टन बर्फ की दीवार के नीचे 58 घंटे तक दबे होने के बावजूद लोगों ने किसी तरह खुद को जिंदा रखा।उनकी कहानी अब सामने आ रही है।

जिंदा रहने के लिए गंदा बर्फ खाया

– 58 घंटे बर्फ में रहने के बाद बचाई गई 22 साल की स्टूडेंट जॉर्जिया गेलास ने हॉस्पिटल में बताया- “एवलांंच से अचानक सब कुछ गिरने लगा और हम किसी छोटे से डिब्बे में फंस गए।”
– “हम किसी भी कीमत पर जिंदा रहने के लिए जूझ रहे थे। हम भूख तो सहन कर सकते थे पर प्यास की वजह से हमारा गला सूख रहा था। प्यास बुझाने के लिए हमने गंदा बर्फ खाकर खुद को जिंदा रखा।”
– जॉर्जिया ने कहा कि इस हादसे में हौसला कायम रखना बेहद जरूरी था। इसलिए हम लोग दिनभर साथ मिलकर गाने भी गाया करते थे। गाना गाने कि वजह से हमारी हिम्मत कायम रही।
– भारी बर्फबारी की वजह से रेस्क्यू टीम को होटल तक पहुंचने में काफी समय लग गया।
टूरिस्ट फेसबुक-वॉट्सएप के जरिए मांग रहे थे मदद
– बर्फ में दबे कुछ लोग फेसबुक और वॉट्सएप की वजह से उनको बचाने की अपील कर रहे थे।
– ऐसे ही एक मैसेज में एक टूरिस्ट ने लिखा था- ” हमारी मदद करें, हम मर रहे हैं, यहां बहुत ज्यादा ठंड है।”

बच्चों ने दिखाई गजब की हिम्मत
– होटल रीगोपीआनो के कई सैलानियों के साथ पांच बच्चे भी बर्फ के नीचे दब गए थे।
– इन सभी को 58 घंटे बाद बचाया जा सका। बचाई गई स्टूडेंट जाॅर्जिया गेलास ने बताया कि पांचों बच्चे उनके नजदीक ही बर्फ के नीचे दबे थे फिर भी उनके रोने की आवाज सुनाई नहीं दे रही थी।
– बचाव अधिकारियों ने कहा कि होटल पर गिरी बर्फ इतनी ज्यादा कि उसे 4,000 ट्रकों में भरा जा सकता था।

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