सपा की ‘होशियारी’ पर कांग्रेस ने लौटाई 3 सीटें, पढ़ें पूरी खबर

लंबी खींचतान के बाद सपा-कांग्रेस के बीच भले ही चुनावी गठबंधन हो गया हो लेकिन सीटों को लेकर रार अभी बरकरार है। सपा की ओर से छोड़ी गई सीटों पर कांग्रेस संतुष्ट नहीं है।

कांग्रेस का मानना है कि सपा ने उसके लिए ज्यादातर सुरक्षित सीटें दी हैं जहां कांग्रेस का कोई जनाधार नहीं है। जो सामान्य सीटें दी गई हैं वहां भी कांग्रेस सपा के साथ मिलकर करिश्मा दिखा पाने की स्थिति में नहीं है।

सीटों के बंटवारे में इलाकाई संतुलन को लेकर भी कांग्रेस की आपत्ति है। पहले दो चरण में कांग्रेस को 43 सीटें दे दी गईं। बाकी पांच चरणों में उसे 62 पर समेटने की तैयारी है। कांग्रेस पश्चिम से लेकर पूरब तक हर इलाके में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहती है।

सियासी नफा-नुकसान का आकलन करने के बाद उसने मंगलवार को समझौते में मिली पहले और दूसरे चरण की सीटों में से तीन सीटें सपा को लौटा दी हैं। कांग्रेस ने इसके स्थान पर बाकी के चरणों में सीटें देने को कहा है। साथ ही अमेठी और रायबरेली की सीटों के लिए भी कांग्रेस ने सपा पर दबाव बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि सिटिंग सीट होने के बावजूद सपा अमेठी की गौरीगंज और रायबरेली की सरेनी सीट कांग्रेस के लिए छोड़ सकती है।

अपनी हारी सीटें सपा ने कांग्रेस को देकर की होशियारी
पहले चरण के नामांकन के अंतिम दिन कांग्रेस ने समझौते में मिलीं सीटों में से गाजियाबाद की लोनी, अलीगढ़ की खैर (सुरक्षित) व मथुरा की बलदेव (सुरक्षित) सीट सपा को लौटा दी। उसने इन सीटों के बजाय दूसरी सीटें मांगी है। दरअसल, 2012 में कांग्रेस और रालोद ने गठबंधन करके चुनाव लड़ा था। तब ये सीटें कांग्रेस ने समझौते के तहत रालोद के लिए छोड़ी थीं। ये तीनों ही सीटें रालोद जीती थी और तीनों ही जगह सपा चौथे नंबर पर थी। इस बार सपा ने बड़ी होशियारी से ये सीटें कांग्रेस के मत्थे मढ़ दीं।

सपा की 'होशियारी' पर कांग्रेस ने लौटाई 3 सीटें, पढ़ें पूरी खबर
कांग्रेस के भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि पश्चिमी उप्र में ज्यादातर सीटों पर बसपा, भाजपा और रालोद के बीच त्रिकोणीय मुकाबले के आसार हैं। जिन सीटों पर गठबंधन मुख्य मुकाबले में भी नहीं दिख रहा वे सीटें कांग्रेस के मत्थे मढ़ी जा रही हैं।

सपा ने कांग्रेस को पहले दो चरणों में 43 सीटें देकर बाकी के पांच चरणों में उसकी हिस्सेदारी को सीमित रखने का दांव चला है। इसलिए कांग्रेस ये सीटें बदलने का दबाव बना रही है।
दोनों ही दल घोषित कर चुके थे उम्मीदवार
कांग्रेस द्वारा सपा को लौटाई गई लोनी, खैर व बलदेव सीट पर दोनों ही दल उम्मीदवार घोषित कर चुके थे। 20 जनवरी को सपा प्रत्याशियों की सूची में लोनी से राशिद मलिक, खैर (सुरक्षित) से प्रशांत बाल्मीकि तथा बलदेव (सुरक्षित) से रणवीर सिंह धनगर को टिकट दिया गया था। गठबंधन के एलान के बाद कांग्रेस की ओर से जारी 43 प्रत्याशियों की पहली सूची में लोनी से चौ. शेर नबी चमन, खैर से मुख्तियार सिंह और बलदेव से विनेश सलवाल को उम्मीदवार घोषित किया गया था।

मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सपा को बाकायदा पत्र भेजकर इन तीनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने से इन्कार कर दिया। प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने तीनों सीटों को सपा को लौटाने की पुष्टि करते हुए कहा, अभी कुछ और सीटों की अदला-बदली हो सकती है।

राहुल गांधी
कांग्रेस को ये सीटें मिलने की उम्मीद
कांग्रेस के सूत्रों के  अनुसार, अमेठी की गौरीगंज व रायबरेली की सरेनी सीट के लिए सपा से बातचीत चल रही है। दोनों सपा की सिटिंग सीट होने की वजह से फिलहाल गतिरोध बना हुआ है, लेकिन उम्मीद है कि दोनों सीटें मिल जाएंगी। अगर ये सीटें मिल जाती हैं तो सपा के कब्जे वाली कुछ अन्य सीटों पर कांग्रेस अपने दावे से पीछे भी हट सकती है। एक-दो दिन में स्थिति साफ होने की संभावना है।

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