हिमाचल में महंगी ‌होने वाली है बिजली, सरकार ने मांगे सुझाव

शिमला

हिमाचल प्रदेश में साल 2017-18 के लिए बिजली की दरों को तय करने का काम शुरू हो गया है. राज्य बिजली बोर्ड ने अप्रैल 2017 से घरेलू बिजली की दरों को 70 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाने का प्रस्ताव राज्य विद्युत नियामक आयोग को भेजा है. आयोग ने दरों को बढ़ाने या न बढ़ाने के लिए आम जनता से 31 जनवरी तक सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवाने की अपील की है.

प्रदेश की जनता बिजली बोर्ड और आयोग दोनों के पास सुझाव दे सकती है. प्रदेश के 18 लाख से अधिक घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में महंगी बिजली दरों का झटका लग सकता है. बोर्ड प्रबंधन ने अपने घाटे को आधार बनाते हुए घरेलू दर में प्रति यूनिट 70 पैसे की बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा है.

हर स्लैब में बढ़ोतरी करने की अपील की गई है. बिजली बोर्ड ने प्रति कनेक्शन कंज्यूमर सर्विस चार्ज में भी बढ़ोतरी की सिफारिश की है. इसमें प्रति कनेक्शन 30 रुपये की बढ़ोतरी की बात कही गई है. बोर्ड ने बिजली के दाम में मौजूदा दरों के मुकाबले 14 से 19 फीसदी की बढ़ोतरी का सुझाव दिया है.

कंज्यूमर सर्विस चार्ज में 60 से 67 फीसदी की बढ़ोतरी का सुझाव आयोग के समक्ष रखा है. कामर्शियल उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में भी बढ़ोतरी का सुझाव बोर्ड ने दिया है. छोटे और बड़े दोनों स्तर के उद्योगों के लिए अलग-अलग दरें प्रस्तावित की गई हैं. बोर्ड ने स्ट्रीट लाइटों के बिल बढ़ाने का भी सुझाव दिया है. इसकी दरों में 21 फीसदी की बढ़ोतरी का सुझाव दिया गया है.

बिजली दरों को बढ़ने से रोकने के लिए आम जनता राज्य विद्युत नियामक आयोग को hperc@rediff.com पर और राज्य बिजली बोर्ड को pro@hpseb.in पते पर ई मेल कर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं. इसके अलावा आयोग के राजधानी शिमला स्थित खलीनी कार्यालय और बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस में भी लिखित में सुझाव भेजे जा सकते हैं.

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