तीन साल बाद राजपथ पर इस बार दिखेगी हिमाचल की झांकी

चंबा

नई दिल्ली में आयोजित हो रहे गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर सोमवार को हिमाचल प्रदेश की झांकी प्रदर्शित की जाएगी. गणतंत्र समारोह में प्रदेश की झांकी 3 साल बाद प्रदर्शित हो रही है.

इस वर्ष हिमाचल की झांकी में राज्य की अद्भुत पारंपरिक हस्तकला चंबा रूमाल को प्रस्तुत किया जा रहा है. झांकी के अग्रभाग में चंबा रूमाल पर काम करती एक महिला की कसीदाकारी करती सुंदर प्रतिमा दिखाई गई है, जबकि मध्य भाग में कृष्ण एवं राधा को गोपियों के साथ रास-लीला नृत्य करते हुए दर्शाया गया है.

इसी भाग में चंबा की महिलाएं रूमाल पर कसीदा करते हुए भी दिखाई गई हैं. झांकी के पृष्ठ भाग में चंबा शहर का विशाल सहस्राब्दि द्वार सुशोभित है. चंबा रूमाल हस्तकला 18वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में हिमाचल प्रदेश के चंबा में विकसित पहाड़ी कला का उत्कृष्ट उदाहरण है. इस पारंपरिक लोक कला में रेशमी धागे से बुने साटन के कपड़े पर दोहरे टांकों (दोरूखा) से दोनों तरफ एक समान कढ़ाई की जाती है.

चंबा रूमाल पर सामान्यता, रासलीला, अष्ट नायिका और प्राचीन पौराणिक गाथाओं एवं दृश्यों को उकेरा जाता है. चंबा रूमाल के संरक्षण के लिए इसे ‘बौद्धिक संपदा अधिकार समझौता 2007’ के तहत पंजीकृत किया गया है. कला भाषा एवं संस्कृति विभाग की निदेशक शशी ठाकुर ने बताया कि 29 तथा 30 जनवरी, 2017 को ‘भारत पर्व’ पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्त्रस्म में सिरमौर जिला का सांस्कृतिक दल भी भाग ले रहा है.

उन्होंने कहा कि कला, भाषा, संस्कृति विभाग की सचिव अनुराधा ठाकुर के अथक प्रयासों की बदौलत राष्ट्रीय स्तरीय गणतंत्र दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश की झांकी का प्रदर्शन सुनिश्चित हो पाया है, जो हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव का विषय है.

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