हाफ़िज़ सईद का बयान, पाकिस्तान में आतंकवाद के लिए चीन-रूस ज़िम्मेदार

लाहौर

26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के संगठन जमात-उद-दावा ने अपने सरगना के लिए बड़ी शर्मिंदगी की स्थिति पैदा कर दी जब उसने सईद के हवाले से बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान में आतंकवाद का षड्यंत्र रचने में चीन और रूस की भूमिका है.

सईद ने जेयूडी मुख्यालय पर संवाददाताओं से कहा, पाकिस्तान को अपने वहां आतंकवाद को अंजाम देने से भारत को रोकने के लिये चीन, रूस और दूसरे देशों पर दबाव बनाना चाहिए. मगर जेयूडी द्वारा जो बयान जारी हुआ वह इससे अलग था.

जबकि बैठक के बाद जेयूडी ने सईद के हवाले से एक बयान जारी कर कहा, पाकिस्तानी सरकार को चीन, रूस और दूसरे देशों द्वारा यहां अंजाम दिए जा रहे आतंकवाद को रोकने के लिए भारत पर दबाव बढ़ाना चाहिए. बाद में जेयूडी अधिकारी अहमद नदीम ने कहा कि बयान में गलती से चीन का उल्लेख पाकिस्तान में आतंकवाद के संदर्भ में कर दिया गया.

नदीम के अनुसार, हाफिज ने कहा कि पाकिस्तानी सरकार को चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपेक) को कश्मीर की आजादी से जोड़ना चाहिए और भारत को रोकने के लिए चीन एवं रूस तथा सीपेक में शामिल अन्य देशों पर दवाब बनाना चाहिए. एक अन्य मांग में सईद ने कहा कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनकी कैबिनेट के सदस्यों को कश्मीर संबंधी प्रस्तावों के क्रियान्वयन की मांग को लेकर संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन धरना देना चाहिए.
कुछ ही दिन पहले हाफिज सईद को एक टेप में यह कहा कि जम्‍मू-कश्‍मीर के अखनूर में उसके चार युवा लड़कों ने आर्मी कैंप पर हमला किया और वे 30 भारतीय जवानों को मारकर लौटे. उसके इस दावे का सेना ने खंडन करते हुए कहा है कि यह दावा झूठा है और अखनूर में ऐसा नहीं हुआ.

माना जा रहा है कि बुधवार को पाक अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद में बोलते हुए अपने समर्थकों के बीच उसने यह बात कही. उस ऑडियो टेप में हाफिज सईद ने कहा,”जम्‍मू के अखनूर कैंप में दो दिन पहले ही चार युवा लड़के घुसे थे…मैं यह जो बात कह रहा हूं…यह कोई पुरानी बात नहीं है बल्कि महज दो दिन पहले की बात है.” उसने दावा करते हुए कहा कि चार युवा लड़कों ने आर्मी कैंप में घुसकर 10 कैंपों में जवानों को ढेर कर दिया और बिना खरोंच लगे वापस लौट आए. इसे सर्जिकल स्‍ट्राइक कहते हैं.

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