DC की बड़ी कार्रवाई, सरकारी कब्जे में ली 20 करोड़ की जमीन

सोलन

DC सोलन ने जिला में भू सौदों के फर्जीवाड़े पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 218 बीघा भूमि को प्रदेश सरकार में निहित करने के आदेश दिए हैं. निहित की गई भूमि की व्यावसायिक कीमत वर्तमान वृत्त दर पर 20 करोड़ रुपये आंकी गई है. भू सुधार अधिनियम की धारा 118 के उल्लंघन के 9 मामलों की सुनवाई करते हुए सबसे बड़ा मामला नोबल हेल्थ केयर का सामने आया है.

रिजॉर्ट बनाने के मकसद से 150 बीघा भूमि ली लेकिन समय पर काम शुरू नहीं किया. इस जमीन की रजिस्ट्री 2007 में हुई थी. 9 मामलों में सबसे अधिक भूमि फर्जीवाड़े कंडाघाट में हुए हैं. जिला दंडाधिकारी एवं समाहर्ता सोलन राकेश कंवर ने बताया कि यह कार्रवाई 9 मामलों में की गई हैं.

इसमें प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल के मामले भी शामिल हैं. इनमें से कुछ मामले ऐसे भी हैं, जिनमें प्रदेश सरकार की अनुमति मिलने के बाद भी निर्धारित दो वर्षों में निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया. कुछ मामले बेनामी सौदों के पाए गए हैं. पुलिस द्वारा की गई जांच में इन बेनामी सौदों की रिपोर्ट तथ्यों पर आधारित पाई गई है.

कंडाघाट सर्किल में 150 बीघा भूमि नोबल हेल्थ केयर ने रिजॉर्ट बनाने के मकसद से धारा 118 के तहत ली. 2007 में जमीन खरीदी गई. 2008 में रजिस्ट्री हुई। लेकिन तय दो वर्ष के भीतर यहां अनुबंध के मुताबिक कोई काम शुरू नहीं किया गया. एसआईटी ने मामले की जांच की और डीसी सोलन ने जमीन जब्त करके सरकार में निहित करने के आदेश दिए.

दो मामले बेनामी संपत्ति के हैं. एक मामले में कंडाघाट में 28.10 बीघा जमीन का बेनामी सौदा हुआ है, जिसमें अलग अलग पांच रजिस्ट्रियां करवाई गई हैं. यह भूमि स्थानीय व्यक्ति से खरीदी गई हैं. लेकिन जांच में पैसा कहां से आया, इसकी पुष्टि व्यक्ति नहीं कर सका.

एक अन्य मामला भी कंडाघाट का डेढ़ बीघा जमीन से संबंधित है. दो मामले फर्जी एग्रिकल्चरिस्ट का सर्टिफिकेट देकर जमीन हासिल करने के हैं. दो मामले बीबीएन से जुड़े हैं, जहां कंपनी ने तय समय पर उद्योग लगाने का हवाला देते हुए 118 में परमिशन ली, लेकिन वह उद्योग लगाने में नाकाम रहे.

एक साल में जिला प्रशासन सोलन ने जमीन की खरीद फरोख्त और इससे जुड़े फर्जीवाड़े व नियमों की अवहेलना के 62 मामले निपटाए हैं. 560 बीघा भूमि प्रदेश सरकार में निहित की गई है. अब तक कुल 778 बीघा भूमि सरकार में निहित की जा चुकी है। करीब 40 ऐसे मामलों में जांच की जा रही है.

Share With:
Rate This Article