अखिलेश सरकार के फैसले पर इलाहाबाद HC की रोक, 17 OBC को SC कैटेगरी नहीं मिलेगी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को अखिलेश सरकार को तगड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने सरकार के 17 ओबीसी को एससी कैटेगरी में शामिल करने के फैसले पर रोक लगा दी है। ये आदेश चीफ जस्‍टिस डीबी भोंसले और जस्‍टिस यशवंत वर्मा की बेंच ने दिया है।

कैबिनेट के फैसले को दी गई थी इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती
– सीएम अखिलेश यादव ने कैबिनेट मीटिंग में राज्य की 17 OBC को अनुसूचित जाति में शामिल करने पर मुहर लगाई थी। उनके इस फैसले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
– मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार के OBC के एससी कैटेगरी में शामिल होने के फैसले पर रोक लगा दी।
– कोर्ट ने कहा कि इन 17 जातियों को किसी भी कीमत पर एससी का सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा। कोर्ट ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी (सोशल वेलफेयर) को निर्देश भी दिया है।
इन जातियों को एससी में शामिल करने के लिए अखिलेश सरकार ने दी थी मंजूरी
-दिसंबर 2016 में अखिलेश सरकार ने यूपी की 17 OBC को अनुसूचित जाति (SC) में शामिल करने वाले प्रस्‍ताव को मंजूरी दी थी
-जिन 17 जातियों को प्रदेश में अनुसूचित जाति में शामिल करने का सरकार ने निर्णय लिया था, उनका प्रदेश में वोट प्रतिशत भी 17 फीसदी है।
-इन जातियों में निषाद, मल्लाह, भर, बाथम, तुरहा, कहार, कश्यप, केवट, कुम्हार, राजभर, प्रजापति, धीवर, धीमर, बिंद, माझी, गौड़ और मछुवा शामिल थे।
-16 दि‍संबर को अखिलेश यादव ने कहा था- हमने चुनावी घोषणापत्र में किए वादे के मुताबिक, 17 पिछड़ी जातियों (OBC) को SC में शामिल करने संबंधी प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है, हालांकि‍ केंद्र ने इसकी मंजूरी नहीं दी थी।
-अखि‍लेश ने यह भीकहा था- मुलायम सिंह यादव ने 2006 में भी इन जातियों को अनुसूचित जातियों में शामिल करने संबंधी प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था, लेकिन मायावती सरकार ने इसे वापस ले लिया था।

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