जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में तस्लीमा बोलीं, तुरंत लागू हो यूनिफॉर्म सिविल कोड

जयपुर

जयपुर में चल रहे जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में सोमवार को बांग्लादेश की विवादित लेखिका तस्लीमा नसरीन शिरकत की. उन्होंने कहा कि मुझे फ्रीडम ऑफ स्पीच में पूरा भरोसा है. तस्लीमा बोलीं कि भारत में यूनिफॉर्म सिविल कोड तुरंत प्रभाव से लागू होना चाहिए.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तस्लीमा ने कहा कि जब मैं बोद्ध धर्म या हिंदू धर्म का विरोध करती हूं तो कुछ नहीं होता लेकिन जब इस्लाम पर कोई टिप्पणी करती हूं तो मुझे जान से मारने की धमकी मिलती है.

उन्होंने कहा कि धर्म कोई भी हो लेकिन महिलाओं के खिलाफ ही होता है, उनके अधिकार की कोई बात नहीं की जाती है. तस्लीमा बोलीं कि सेक्युलर लेखकों का मर्डर नहीं होना चाहिए, तस्लीमा बोलीं कि मैं राष्ट्रवाद में भरोसा नहीं रखती बल्कि वन वर्ल्ड और वन पासपोर्ट में भरोसा रखती हूं.

अपने विवादित बयानों और ट्वीट के चलते चर्चा में रहने वाली बांग्लादेश की यह लेखिका पिछले कुछ समय से बांग्लादेश से निर्वासित हैं. जयपुर में चल रहे 10वें जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में हाल ही में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के विचारक मनमोहन वैद्य ने आरक्षण को लेकर विवादित बयान दिया था. मनमोहन वैद्य ने आरक्षण को खत्म करने की वकालत की थी.

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में मनमोहन वैद्य ने आरक्षण खत्म करने की बात कही. संघ विचारक ने कहा था कि आरक्षण से अलगाववाद बढ़ता है. उन्होंने कहा कि एक वक्त के बाद आरक्षण को खत्म कर देना चाहिए.

जयपुर में कार्यक्रम का उद्घाटन मशहूर लेखक गुलजार ने किया था. कार्यक्रम में पहले वक्ता के तौर पर मशहूर लेखक गुलजार ने कहा था कि मुझे राजनीति करनी नहीं आती है, मैं भी आम आदमी की तरह सियासत से प्रभावित हो जाता हूं. गुलजार ने कहा कि मुझे उन कुर्सियों पर बैठने से डर लगता है जहां पर बैठने से पांव जमीन पर नहीं लगते हैं.

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