25 बहादुर बच्चों को आज सम्मानित करेंगे प्रधानमंत्री, 4 को मरणोपरांत मिलेगा पुरस्कार

नई दिल्ली

अपनी बहादुरी से दूसरों के लिए मिसाल बने 25 बच्चों को नरेंद्र मोदी 23 जनवरी को राष्ट्रीय बाल वीरता पुरस्कार देंगे। इसमें 12 लड़कियां और 13 लड़के हैं। इसके बाद ये बच्चे रिपब्लिक डे परेड में हिस्सा लेंगे। चार बच्चों को मरणोपरांत यह पुरस्कार दिया जा रहा है।

जानिए बहादुर बच्चों के बारे में

– सम्मानित होने वालों में केरल से 4, दिल्ली से 3, वेस्ट बंगाल और छत्तीसगढ़ से 2-2 बच्चे शामिल हैं।
– यूपी, महाराष्ट्र, मणिपुर, असम, हिमाचल, नगालैंड, उत्तराखंड, राजस्थान, ओडिशा और कर्नाटक से 1-1 बच्चे को सम्मानित किया जाएगा।
– मरणोपरांत सम्मानित होने वाले बच्चों में मिजोरम से दो, अरुणाचल और जम्मू का 1-1 बच्चा शामिल है।
इन्हें मिलेगा नेशनल अवॉर्ड
– पश्चिम बंगाल की शिवानी गोद (16) और तेजस्विता प्रधान (17) ने इंटरनेशनल सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया। इन्हें गीता चोपड़ा अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।
– उत्तराखंड के सुमित ममगई (15) ने अपने चचेरे भाई पर हमला कर रहे तेंदुए पर पूंछ पकड़कर दरांती से वार किया। इससे तेंदुआ भाग गया। इस बहादुरी के लिए उन्हें संजय चोपड़ा अवॉर्ड दिया जाएगा।
– छत्तीसगढ़ के तुषार (15) को बापू गेढानी अवॉर्ड दिया जाएगा।
– छत्तीसगढ की नीलम (8), राजस्थान के सोनू माली (9) और ओडिशा के मोहन सेठी (11), कर्नाटक की सिया वामनसा खोड़े (10), नगालैंड के थंगिलमंग लंकिम (10) , हिमाचल प्रदेश के प्रफुल्ल शर्मा (11), असम के टंकेस्वर पीगू (16), मणिपुर के मोइरंगथम सदानंदा सिंह (14), केरल के आदित्यन एमपी पिल्लई (14), उत्तर प्रदेश की अंशिका पांडेय (14), केरल की बिनिल मंजली (15), अखिल के शिबु (16), महाराष्ट्र की निशा दिलीप पाटिल (16) और केरल की बदरूनिसा केपी (15) को मोदी सम्मानित करेंगे।

भाई-बहन ने चोर को पकड़ा
– दिल्ली के भाई-बहन अक्षित-अक्षिता ने स्कूल से घर आने के बाद चोर को पकड़ा और पुलिस के हवाले कराया। इन्हें वीरता पुरस्कार दिया जाएगा।
– दिल्ली के ही नमन ने यमुना नदी में डूब रहे बच्चे को बचाया था। अमन को भी वीरता पुरस्कार मिलेगा।

बहादुर बेटियों की कहानियां
– जम्मू और कश्मीर में तीन स्टूडेंट स्कूल से घर लौट रहे थे। बादल फटने के कारण नदी-नाले उफान पर थे। राकेश (14) और शेफाली (5) चकवा नाले पर बाढ़ में फंस गए। 12 साल की पायल उन्हें बचाने के लिए करीब 20 फीट गहरे पानी में कूद गई। लेकिन वह उन्हें बचाने में कामयाब नहीं हो सकी। सभी पानी के तेज बहाव में बह गए।
– मिजोरम की 13 साल की एच लालरियातपुई ने कार में बैठे अपने दो साल के चचेरे भाई को बचाने के लिए जान की बाजी लगा दी थी। कार ढलान से नीचे जा रही थी। उसने छोटे बच्चे को कार से बाहर निकालने के लिए दरवाजा खोला और जमीन पर गिर गई। इस दौरान वह कार की चपेट में आकर गंभीर घायल हो गई। अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। दोनों को मरणोपरांत बापू गेढानी अवॉर्ड दिया जाएगा।
– मिजोरम की 13 साल की रोलुआपुई स्कूल पिकनिक के दौरान नदी में अपनी एक दोस्त को भंवर में फंसकर मदद की गुहार लगाते हुए देखा। उसने 18 फीट गहरी नदी में छलांग लगा दी। वह दोस्त को तो नदी के किनारे तक ले आई, लेकिन खुद नदी के तेज बहाव के कारण भंवर में जा फंसी।
– अरुणाचल की 8 साल की तारपीजू हमारे बीच नहीं है। वह दो सहेलियों के साथ नदी पार कर रही थी, तभी उसकी सहेलियां नदी के तेज बहाव में बहने लगी। यह देख वह 5 फीट गहरी नदी में कूद गई और दोनों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। लेकिन वह डूब गई। सीएम ने उस नदी पर पीजू के नाम से पुल बनाने को कहा है। पीजू को भारत अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।

Share With:
Rate This Article