चीन के नौसैनिक बेड़े में तेजी से विस्तार, युद्धपोत का किया जलावतरण

बीजिंग

चीन ने अपने नौसैनिक बेड़े में तेजी से विस्तार करते हुए अपना 31वें स्टील्थ युद्धपोत का जलावतरण किया जबकि उसका पहला विमानवाहक पोत तैयार है. सरकारी मीडिया के अनुसार चीन की जनमुक्ति सेना नौसेना ने 31वां टाइप-056 वर्ग के करवेट का जलावतरण किया जो आधुनिक करवेट पोतों के विश्व के सबसे बड़े बेड़े में नया इजाफा है.

चीनी सेना के आधिकारिक मुखपत्र पी.एल.ए. डेली के अनुसार इस पोत की अधिकतम रफ्तार 52 किलोमीटर प्रति घंटे है. इसमें उच्च स्तर का स्वचालन और दुश्मनों की निगाह से छुपने की क्षमता है. यह विमानों, पोतों और पनडुब्बियों को निशाना बनाने में सक्षम है. यह पोत तटीय गश्त, पनडुब्बी विरोधी और पोत विरोधी अभियानों का संचालन करेगा.

इस साल की शुरूआत के बाद यह दूसरा पोत है जो चीनी जनमुक्ति सेना नौसेना को सौंपा गया है. इससे पहले सीएनएस कैयांगशिंग सौंपा गया था जो टाइप-815ए वर्ग का इलैक्ट्रानिक टोही पोत है. यह अब उत्तर सागर बेड़े के पास है.

रिपोर्ट में रक्षा विश्लेषकों के हवाले से बताया गया है कि रूस के पास सबसे ज्यादा 80 करवेट पोत हैं, लेकिन उनमें से ज्यादातर 1980 और 1990 दशक के बने हैं और वे प्रौद्योगिकी तथा साजो सामान में टाइप 056 से मुकाबला नहीं कर सकते. रक्षा विश्लेषकों के अनुसार चीनी बेड़ा सभी नौसेनाओं के करवेट में सबसे बड़ी शक्ति है.

सरकारी अखबार चाइना डेली की एक रिपोर्ट के अनुसार पीएलए ने 2015 में और पिछले साल 20 नए पोत तैनात किए हैं और माना जाता है कि इस दौरान उसने कई अत्याधुनिक परमाणु पनडुब्बी तैनात किए हैं. फिलहाल, नौसेना दूसरा विमानवाहक पोत तैयार कर रहा है जबकि तीसरे की भी योजना है.

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