अंटार्कटिका की सबसे बड़ी आइस शेल्फ में दरार बढ़ी, आइस बर्ग के टूटने का खतरा

अंटार्कटिका की चौथी सबसे बड़ी आइस शेल्फ (हिमशिला) लार्सन सी आइस में 160 km लंबी दरार एक महीने में और बढ़ गई है। ब्रिटिश साइंटिस्ट्स के मुताबिक, 2 हफ्तों में इस आइस शेल्फ में दरार करीब 9 km लंबी हो गई है। दिसंबर के दूसरे दो हफ्तों में ये 17 km बढ़ी यानी करीब एक महीने के अंदर इसमें करीब 27 मील (43 km) लंबी दरार हो गई है। साइंटिस्ट्स का कहना है कि अगर दरार 20 km और बढ़ी तो वेल्स देश के बराबर एक आइस बर्ग इससे अलग हो जाएगा।

ये क्लाइमेट चेंज का नतीजा है
– लार्सन सी आइस में दरार सागर के पैरलल  बढ़ रही है। ब्रिटिश साइंटिस्ट्स इसे क्लाइमेट चेंज का नतीजा मान रहे हैं।
– साइंटिस्ट्स के मुताबिक, अगर ये दरार 20 km और बढ़ती है, तो वेल्स देश के साइज का आइस बर्ग का एक बड़ा हिस्सा इससे अलग हो जाएगा।
– ब्रिटिश अंटार्कटिक सर्वे और स्वानसी एंड एबरीस्टविथ यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने कहा, “ये अब तक सबसे बड़ा आइस बर्ग होगा।”
– अंटार्कटिक पेनिन्सुइला के ईस्टर्न इलाके में 350 मीटर चौड़ी आइस शेल्फ में ये दरार यूरोपीय यूनियन के सेन्टिनेस-1 सैटेलाइट सिस्टम के जरिए सामने आई है।
195 km तक बढ़ेगी दरार
– स्वानसी के प्रोफेसर एड्रियान लकमैन के मुताबिक, आकंड़े इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि ये दरार कुल 195 km तक बढ़ेगी।
– हालांकि, इसे बढ़ने में कितना वक्त लगेगा और आइस बर्ग कब इससे टूट कर अलग होगा, इसका अंदाज लगाना फिलहाल मुश्किल है।
आइस शेल्फ के नए हिस्से में बढ़ रही दरार
– लकमैन के मुताबिक, “ये दरार अब आइस शेल्फ के एक नए हिस्से में बढ़ रही है, जहां आइस काफी मुलायम है। इससे दरार बढ़ने की रफ्तार धीमी होगी।”
– उन्होंने कहा कि इसके बाद भी इस बात का अनुमान लगाना नामुमकिन है कि ये आइस शेल्फ कब टूटेगी, क्योंकि फ्रैक्चर की ये प्रक्रिया काफी उलझी हुई होती है।
– लकमैन ने कहा, “मेरा मन कहता है कि नए डेवलपमेंट कुछ हफ्तों और महीनों में होने का संकेत है, लेकिन ये भी संभव है कि ये प्रॉसेस धीमी पड़ जाए।”
– उन्होंने कहा कि जब आइसबर्ग इससे अलग होगा तो ये देखना होगा कि ये शेल्फ के स्ट्रक्चर को किसी तरह से प्रभावित करता है।

आइस बर्ग टूटा तो क्लाइमेट में ये चेंज आएगा
– रिसर्चर्स के मुताबिक, आइस बर्ग अगर टूटता है तो अंटार्कटिक पेनिन्सुइला में बदलाव आएगा।
– लकमैन के मुताबिक, सी आइस एक जगह रुके रहने की जगह समुद्र के वेडेल गेयर में क्लॉक वाइस घूमती रहती है। आइसबर्ग भी इसी के साथ घूमता है।
– डर यह है कि इसके टूटने से समुद्र में बर्फ का बहाव तेज न हो जाए। हो सकता है कि ये आइस शेल्फ को भी असंतुलित कर दे।
– आइस शेल्फ के असंतुलित होने से बड़ा खतरा है क्योंकि ये इतनी बर्फ समेटे है कि इससे समुद्र का लेवल 4 इंच तक बढ़ सकता है।
– हालांकि, सभी साइंटिस्ट्स इससे सहमत नहीं हैं। वो ऐसा जरूरी नहीं मानते हैं कि नतीजे यही होंगे।

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