मासूम से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने वालों को फांसी की सजा

नारनौल

हरियाणा के अटेली में मासूम बच्ची का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के तीन दोषियों को अतिरिक्त सत्र और विशेष न्यायाधीश ने फांसी की सजा सुनाई है।

न्यायाधीश डॉ. रणधीर कुमार डोगरा ने साक्ष्यों के अभाव में एक आरोपी को बरी कर दिया। पहली नवंबर 2014 को नौ साल की बालिका की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। बच्ची पांचवीं कक्षा की छात्रा थी। वह मां के साथ किराये के मकान में रहती थी। मां ने बच्ची को किसी काम से बाहर भेजा था, लेकिन वो नहीं लौटी, अगले दिन सुबह बच्ची का शव दोषी अरुण के प्लॉट के पास मिला।

पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज किया था। सामाजिक संगठनों के विरोध प्रदर्शन और  अटेली मंडी दो दिन बंद रहने के बाद पुलिस ने तीन नवंबर को अटेली निवासी अरुण, दीपक और राजेश को गिरफ्तार किया था। अगले दिन चौथे आरोपी संजय निवासी पटना को भी गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की निष्क्रियता के बाद मीडिया की ओर से इस मामले को प्रमुखता से उठाया गया था। पिछले साल जनवरी में इस संबंध में समाचार प्रकाशित होने के बाद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मनीषा चौधरी ने मामले की तह में जाकर जानकारी ली व मौके पर जाकर पुख्ता साक्ष्य जुटाए।

सब इंस्पेक्टर मलखान सिंह को नए सिरे से मामले की जांच सौंपी गई थी। इस मामले में अदालत में 36 गवाहों के बयानों के बाद आखिरकार अदालत ने अरुण, राजेश और दीपक को फांसी की सजा सुनाई। संजय चौधरी को बरी कर दिया है।

मां ने कहा, भगवान के घर देर है, अंधेर नहीं

फैसले के बाद कोर्ट परिसर में ही मौजूद बालिका की मां भावुक हो गई। वह बोली-भगवान के घर देर है अंधेर नहीं है। दरिदों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी, मुझे यही उम्मीद थी।

बच्ची की मां दिल्ली की रहने वाली है। इस घटना के बाद उनके पति भी बीमारी और सदमे से चल बसे थे, लेकिन मां ने बेटी के कातिलों को न्याय दिलाने के लिए दिन-रात एक कर दिया था।

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