ओबामा ने मिलाया मोदी को फोन, कहा ‘थैंक्स’

अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन कर इस बात के लिए धन्यवाद दिया है कि उनकी साझेदारी में भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते बेहतर हुए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा के दूसरे कार्यकाल का गुरुवार को अंतिम दिन है. शुक्रवार को डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति ऑफिस व्हाइट हाउस के अुनसार ओबामा ने बुधवार को मोदी को फोन किया और उनकी ‘साझेदारी’ के लिए धन्यवाद दिया. इस बातचीत के दौरान ओबामा ने इस बात के लिए भी धन्यवाद दिया कि मोदी के कार्यकाल के दौरान प्रतिरक्षा, सिविल न्यूक्लयिर एनर्जी के लिए संयुक्त प्रयासों की समीक्षा की गई और दोनों देशों के बीच के नागिरकों के बीच संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया गया.

व्हाइट हाउस ने कहा, ‘ साल 2015 में भारत में गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथ‍ि के रूप में अपनी यात्रा को याद करते हुए राष्ट्रपति ओबामा ने भारत के आने वाले 68वें गणतंत्र दिवस के लिए प्रधानमंत्री मोदी को हार्दिक बधाई दी. दोनों नेताओं ने इस बात पर चर्चा की कि उन्होंने आर्थ‍िक और सुरक्षा प्राथमिकताओं पर किस तरह से साझा प्रगति की और इस दौरान भारत की पहचान अमेरिका के बड़े प्रतिरक्षा साझेदार के रूप में हुई. इसी तरह जलवायु परिवर्तन के वैश्‍व‍िक बदलाव के लिए दोनों देशों ने काम किया.’

मुलाकात का बना रिकॉर्ड
गौरतलब है कि ओबामा उन पहले नेताओं में से थे जिन्होंने मई 2014 में मोदी की जीत पर फोन कर बधाई दी थी और उन्हें अमेरिका आने के लिए आमंत्रित किया था. दोनों नेता सितंबर 2014 में व्हाइट हाउस में मिले थे. तब से दोनों नेताओं में अब तक आठ बार मुलाकात हो चुकी है. यह किसी भारतीय-अमेरिकी नेता के बीच मुलाकात का एक रिकॉर्ड है. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच अच्छी दोस्ती पनप गई.

अब बेटियों के साथ बिताएंगे समय
बुधवार को व्हाइट हाउस में अपने अंतिम प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओबामा ने कई महत्वपूर्ण बातें कहीं. ओबामा की कुछ प्रमुख बातें इस प्रकार हैं:

1. अब मैं अपना कीमती समय अपनी बेटियों के साथ बिताना चाहता हूं.

2. ट्रम्प के साथ मेरी सौहादपूर्ण बातचीत हुई है और मैंने उन्हें अपनी हर तरह की सलाह देने की पेशकश की है.

3. यह अमेरिका के हित में है कि रूस के साथ एक रचनात्मक साझेदारी बनाई जाए.

4. पहले ब्लैक अमेरिकी राष्ट्रपति पर ओबामा ने कहा कि आने वाले वर्षों में अमेरिका के राष्ट्रपति इतने विव‍िधता वाले होंगे कि कोई भी यह नहीं समझ पाएगा कि उन्हें किस पहचान से बुलाया जाए.

5. हम इजरायल और फिलिस्तीन के बीच शांति ‘थोप’ नहीं सकते.

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