खेल मंत्री अनिल विज से तीन खिलाड़ियों की गुहार, सरकार नौकरी का अब तक इंतजार

देश को 36 साल बाद ओलंपिक तक पहुंचाने वाली खिलाड़ी नौकरी को तरस रही हैं। सरकार का मुंह देखते-देखते उनकी हिम्मत टूट गई है। भारतीय महिला हॉकी टीम की यह तीनों खिलाड़ी सरकार से नौकरी मांगकर थक चुकी हैं। कई बार अफसरों व मंत्रियों से मिलने के बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिल रही है। ये तीनों खिलाड़ी सोनीपत, हिसार और सिरसा जिले की रहने वाली हैं।

सरकार भले ही खिलाड़ियों को हर तरह से प्रोत्साहित करने का दम भरती हो, लेकिन भारतीय महिला हॉकी टीम की तीन खिलाड़ी सरकार के इस दावे की पोल खोल रही हैं। सोनीपत की मोनिका मलिक, हिसार की पूनम मलिक और सिरसा की सविता पूनिया को सरकार अभी तक नौकरी नहीं दे सकी है, जबकि यह तीनों खिलाड़ी लगातार नौकरी के लिए भटक रही हैं।

खेलमंत्री अनिल विज से कई बार मुलाकात करने के बावजूद आजतक इनसे नौकरी का वादा सरकार पूरा नहीं कर सकी। इससे तीनों ही खिलाड़ी सरकार के इस रवैये से नाराज हैं। वो कहती हैं कि पहले उनको भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा तो अब उनको नौकरी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। फिलहाल हालात यह हैं कि नौकरी के लिए भटकने से उनका खेल भी प्रभावित हो रहा है।

इन तीनों खिलाड़ियों ने अहम भूमिका निभाते हुए ही 2014 में एशियन गेम्स में देश को कांस्य पदक दिलाया था और उसके बाद देश को 36 साल बाद ओलंपिक तक पहुंचाया। इसके बावजूद इस तरह के भेदभाव से ये खिलाड़ी काफी आहत हैं।

खेल मंत्री अनिल विज से तीन खिलाड़ियों की गुहार, सरकार नौकरी का अब तक इंतजार

खिलाड़ियों ने बताया कि सरकार ने ओलंपिक नहीं खेलने वाले खिलाड़ियों को डीएसपी और उसके बराबर के पदों की नौकरी दी है, लेकिन वो ओलंपिक तक खेल चुके हैं। इसके बावजूद नौकरी नहीं मिल रही है। अब सरकार पुलिस से दूसरे विभागों में नौकरी देने की बात कह रही है। बाकी विभागों में नौकरी देने से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन वो पद डीएसपी के बराबर होने चाहिए। प्रदेश सरकार से कई बार नौकरी के लिए कह चुके है, लेकिन अभी तक नौकरी नहीं दी गई है। खेल मंत्री केवल आश्वासन देते हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई। अभी तक नौकरी मिल जानी चाहिए थी।

Share With:
Rate This Article