स्नैपडील को लगा 2960 करोड़ का घाटा, विज्ञापन पर खर्च किए 469 करोड़ रूपए

बेंगलुरु

ऑनलाइन मार्केट प्लेस स्नैपडील को 2016 में दोगुना घाटा लगा है. एक बिजनस रिसर्च प्लेटफॉर्म टॉफ्लर के एक सूत्र ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में कंपनी को 1,319 करोड़ का कुल रेवेन्यू मिला जबकि उसे 2,960 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है. स्नैपडील के साथ ही फ्लिपकार्ट और ऐमजॉन जैसी कंपनियों को भी काफी नुकसान हुआ है.

स्नैपडील को भारत में प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियां जैसे ऐमजॉन और फ्लिपकार्ट का मुख्य प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा था. 2016 में खत्म हुए वित्तीय वर्ष में फ्लिपकार्ट इंटरनेट को 2,306 करोड़ का नुकसान हुआ वहीं ऐमजॉन को 3,572 का घाटा उठाना पड़ा. हालांकि, इन दोनों ई-कॉमर्स कंपनियों का रेवेन्यू स्नैपडील के मुकाबले काफी ज्यादा रहा और इन्हें क्रमश: 1,952 और 2,275 करोड़ का रेवेन्यू हासिल हुआ.

विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए तीनों दिग्गज कंपनियों के बीच जमकर कॉम्पिटीशन चल रहा है, जिसके चलते इन्हें कर्मचारियों, मार्केटिंग और ऐडवर्टाइजिंग पर भारी खर्च करना पड़ रहा है. इधर, कुछ समय के अंतराल पर ही भारी छूट वाली सेल लाने के दबाव ने तीनों कंपनियों को घाटा दिलाया है. हालांकि, इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक इन कंपनियों के पास सेल के दौरान भारी छूट देने के लिए काफी पैसा है.

स्नैपडील के प्रवक्ता ने टाइम्स ऑफ इंडिया को ई-मेल पर भेजे एक जवाब में कहा, ‘वित्तीय वर्ष 2016 में हमने अपने लॉजिस्टिक, टेक्नॉलजी और सेलर इकोसिस्टम का विस्तार करने में काफी पैसा लगाया है, जो दीर्घावधि में कंपनी के लिए फायदेमंद साबित होगा.’ 2016 में स्नैपडील ने विज्ञापन और प्रचार-प्रसार में 469 करोड़ रुपये खर्च किए, वहीं 2015 में कंपनी ने विज्ञापन में 426 करोड़ रुपये खर्च किए थे. पिछले साल कंपनी ने अपनी खोई जमीन वापस पाने के इरादे से नए लोगो के साथ 200 करोड़ रुपये का मार्केटिंग कैंपेन लॉन्च किया था, लेकिन ऐमजॉन और फ्लिपकार्ट की सेल के मुकाबले स्नैपडील की सेल को बहुत कम लाभ हुआ.

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