नोटबंदी से जुड़ा एक और खुलासा, हरियाणा में करोड़ों के कालेधन को किया गया सफेद

आयकर विभाग ने नोटबंदी के दौरान हरियाणा के चरखीदादरी में फर्जी बैंक खातों की चेन बनाकर 1000 करोड़ रुपये का काला धन सफेद करने की कोशिश का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी आयकर विभाग के विजिलेंस विंग की महानिदेशक मधु महाजन और प्रधान निदेशक परनीत सचदेवा ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी।

विजिलेंस विंग की महानिदेशक ने बताया कि उनके विंग ने चरखीदादरी में 1000 करोड़ रुपये की हवाला लेनदेन का पता लगाया है, जिसके लिए फर्जी बैंक खातों की चेन का सहारा लिया गया। उन्होंने बताया कि इस मामले में एक एंट्री ऑपरेटर की पहचान की गई है, जिसने गलत तरीके से पैसा जमा करने की सुविधा देकर 18 लोगों को फायदा पहुंचाया।

उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी का काम इस लेनदेन में एक साधन मात्र का ही था। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में लाभ पाने वाले लोगों की संख्या ज्यादा हो सकती है। नोटबंदी के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें हवाला एंट्री ऑपरेटरों ने काले धन के लिए कमीशन के एवज में काम किया। उन्होंने बताया कि काले धन को सफेद करने के लिए बेनामी बैंक खातों की चेन तैयार की गई थीं।

इस बीच, नोटबंदी के बाद आयकर विभाग ने पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर समेत पूरे उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में 280 करोड़ की अघोषित आय का पता लगाया है। उन्होंने बताया कि टैक्स चोरों की ओर से अघोषित और काले धन को खपाने के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल किया था।

नोटबंदी से जुड़ा एक और खुलासा, हरियाणा में करोड़ों के कालेधन को किया गया सफेद

एक अन्य कंपनी के मामले की जानकारी देते हुए महानिदेशक ने बताया कि एक कंपनी ने 10000 रुपये से 40000 रुपये तक कर्मचारियों के विभिन्न बैंक खातों में जमा कराए, लेकिन उनकी निकासी केवल कंपनी के एचआर और अन्य अधिकारी द्वारा ही की जा सकती थी।

उन्होंने बताया कि इन मामलों में बैंक अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है और आयकर विभाग ने यह मामला सीबीआई और एनफोर्समेंट निदेशक के सुपुर्द कर दिया है।
आयकर विभाग ने इस फर्जीवाड़े का किया भंडाफोड़

इसी तरह, कुछ ज्वेलर्स ने भी भारी भरकम कैश बिक्री दिखाकर अपने पास करोड़ों रुपये की नकदी सरकार को दिखाई, जबकि बिल्डरों ने बैकडेटिड कैश डिपोजिट और एग्रीमेंट का रिकॉर्ड आयकर विभाग को दिखाया।

उन्होंने बताया कि नोटबंदी के बाद आयकर विभाग ने यह भी पता लगाया है कि कुछ कोऑपरेटिव बैंकों ने भी पंजाब में नियमों का पालन नहीं किया। इसके चलते आयकर विभाग ने कोआपरेटिव बैंकों के ढाई करोड़ रुपये नकद जब्त कर लिए हैं।

उन्होंने आगे बताया कि 22 मामलों में, लोगों ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत 58.56 करोड़ रुपये की आय घोषित की है। इनमें से 9 लोग पंजाब के और बाकी हरियाणा के हैं।

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