इतिहास में पहली बार माउंट एवरेस्ट फतेह करने जाएंगी महिला जवान

इतिहास में पहली बार महिला जवानों का दल विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतेह करने जाएगा और इसकी तैयारी चल रही है। पैरा मिलिट्री फोर्स की विंग सशस्त्र सेना बल (एसएसबी) की तरफ से वर्ष 2018 में पर्वतारोही दल माउंट एवरेस्ट पर भेजा जाएगा।

इसके लिए महिला जवानों को दो साल से दिन-रात प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नेपाल में दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत शिखर है, जिसकी ऊंचाई 8840 मीटर है। विश्व के सबसे बड़े माउंट एवरेस्ट को फतेह करनी वाली पहली भारतीय महिला बाछेंद्री पाल थीं।

यूं तो पैरा मिलिट्री फोर्स एसएसबी, सीआईएसएफ, आरएएफ और आईटीबी के नाम अनगिनत रिकार्ड हैं, लेकिन अभी तक पैरा मिलिट्री फोर्स की महिला जवान माउंट एवरेस्ट तक नहीं पहुंच सकीं हैं।

इसकी वजह यह है कि पैरा मिलिट्री फोर्स के इतिहास में अभी तक महिला जवानों के पर्वतारोही दल को माउंट एवरेस्ट पर भेजा नहीं गया। अब एसएसबी ने इसके लिए पहल की है।

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित ग्वालदम प्रशिक्षण स्कूल के डिप्टी फील्ड ऑफिसर और एवरेस्ट विजेता सुबोध चंदोला के अनुसार, अगले वर्ष एसएसबी की तरफ से पहली बार महिला जवानों के दल को माउंट एवरेस्ट पर भेजा जाएगा। इसके लिए करीब 50 महिला जवानों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

दिन-रात चलने वाले प्रशिक्षण को पास करने वाली करीब 10 महिला जवानों का चयन माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई के लिए होगा। सुबोध चंदोला 21वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव में बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय लगी सेना प्रदर्शनी में शामिल होने आए हैं।

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