नारायणगंज हत्याकांड मामले में बांग्लादेश कोर्ट ने 26 लोगों को मौत की सजा सुनाई

बांग्लादेश अदालत ने सोमवार को वर्ष 2014 के नारायणगंज हत्याकांड मामले में भारत से प्रत्यर्पित पूर्व पार्षद और बांग्लादेश विशिष्ट सुरक्षा बल के तीन वरिष्ठ अधिकारियों सहित 26 लोगों को मौत की सजा सुनाई है। इस घटना में सात लोगों की बेरहमी से हत्या की गई थी।

नारायणगंज जिला अदालत और सत्र न्यायाधीश इनायत हुसैन ने कहा, ‘इन्हें फांसी पर लटकाया जाए।’ नारायणगंज के पूर्व पार्षद नूर हुसैन और बांग्लादेश की सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट कर्नल तारेक सईद भी उन 26 लोगों में शामिल है जिन्हें सजा सुनाई गई है। सुनवाई के समय 23 आरोपी अदालत में मौजूद नहीं थे। अन्य नौ लोगों को विभिन्न अवधि की कैद की सजा सुनाई गई है।
नारायणगंज जिला अदालत और सत्र न्यायाधीश ने सजा सुनवाई।
नारायणगंज जिला अदालत और सत्र न्यायाधीश ने सजा सुनवाई। हुसैन को भारत से प्रत्यर्पित किया गया था। वह सुनवाई से बचने के लिए देश से भाग गया था। ऐसा माना जाता है कि वही इस हत्याकांड का मुख्य षड्यंत्रकारी था। सीमा सुरक्षा बल के कर्मियों ने 12 नवंबर 2015 को उसे बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के हवाले कर दिया था। अदालत के 25 आरएबी कर्मियों सहित 35 लोगों को दोषी पाने के करीब एक साल बाद मामले में फैसला सुनवाया गया है।

बीडीन्यूज’ की खबर के अनुसार नारायणगंज जिला अदालत और सत्र न्यायाधीश ने नारायणगंज के पार्षद नजरूल इस्लाम और वकील चंदर कुमार सरकार सहित सात लोगों की हत्या के मामले में सजा सुनाई है। इनका वर्ष 2014 के अप्रैल में ढाका-नारायणगंज लिंक रोड से अपहरण कर लिया गया था। कुुछ दिन बाद उनके शव शीतलख्या नदी में तैरते मिले थे।

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