अब पेंडिंग नहीं रहेंगी HUDA में फाइलें, पढ़िए पूरी खबर

10 महीने बाद हूडा में हरियाणा उद्योग नीति-2015 लागू हुई है। अब हुडा ऑफिस में इंडस्ट्री की सैकड़ों फाइलें पेंडिंग में नहीं रहेंगी। फाइलों को लेकर इंडस्ट्रीज के लोगों को भी चक्कर नहीं पड़ेंगे। इस नीति के लागू नहीं होने से सरकारी राजस्व में फायदा होगा। दरअसल हरियाणा सरकार ने 1 अप्रैल 2016 से नई नीति लागू करने के लिए विभागों को निर्देश दिए थे, लेकिन हुडा में यह लागू नहीं हो सका था और एचएसआईआईडीसी ने अपने एरिया में लागू कर दिया था।

हरियाणा सरकार ने उद्योगों के लिए हरियाणा उद्योग नीति-2015 लागू करने के लिए HSIIDC, HUDA समेत अन्य विभागों को आदेश दिए थे। इस नीति के अनुसार राज्य सरकार उचित क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों के स्थानांतरण की सुविधा प्रदान करना, औद्योगिक क्षेत्र में स्थल कम उपलब्ध होने पर नगर एवं ग्राम आयोजन विभाग तथा शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा अपने संबंधित आदेश के अनुसार उद्योग विभाग के परामर्श से अतिरिक्त क्षेत्रों की पहचान की जाए, उन्हें अधिसूचित किया जाएगा।

नई विकास योजनाओं को मानचित्र पर चिह्नित किया जाए और नामित औद्योगिक क्षेत्रों को नए विनिर्माण हब के रूप में निर्धारित किया जाए। समयबद्घ स्थानांतरण योजना रिहायशी स्थलों से उद्योग के स्थानांतरण पर जनसांख्यिकी, सामाजिक-आर्थिक प्रभाव को मद्देनजर नजर रखते हुए एक चरणबद्घ एवं समयबद्घ स्थानांतरण योजना बनाई है।

HSIIDC ने अपने क्षेत्र में की थी लागू
नई उद्योग नीति-2015 को HSIIDC ने अपने क्षेत्र में लागू करके काम शुरू कर दिया था, लेकिन हुडा ने इसकाे अमलीजामा पहनाने में 10 महीना लगा दिया। इसके कारण सेक्टर-18, 37-1, 37-2, 33 और सेक्टर-34 इंडस्ट्री की सैकड़ों फाइल ऑफिस में पेंडिंग में पड़ी हुई है। उद्यमियों को अब हुडा ऑफिस का चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, क्योंकि फाइलें निर्धारित समय पर कंप्लीट हो जाएगी।

नई नीति से उद्योगों से जुड़े लोगों को क्या होंगे फायदे
उद्योग से जुड़े लोगों ने बताया कि अभी तक हुडा में 2011 की ही नीति लागू थी। नई नीति लागू नहीं होने से हुडा ईओ ऑफिस में फाइलें पड़ी रही है। अब नई नीति लागू होने से कैंसिलेशन ऑफ ट्रांसफर परमिशन, चेंज ऑफ नंबर ऑफ मेंबरशिप, चेंज ऑफ मेंबरशिप, चेंज साइज ऑफ डेवलपिंग यूनिट, कंसोलेशन ऑफ डिले, कन्वीयंस डीड, डिमॉरगेज, मोरगेट, नो ड्यूज सर्टिफिकेट, नॉन एन्कंब्रेस सर्टिफिकेट, ओसी सर्टिफिकेशन आदि काम की फाइलों में दिक्कत नहीं आएगी।

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