US ने दी चीन को चेतावनी कहा, 'साउथ चाइना सी सिर्फ चीन की प्रॉपर्टी नहीं'

चीन ने दी US को धमकी, ‘साउथ चाइना सी से निकालने के लिए छेड़नी पड़ेगी जंग’

चीन के सरकारी मीडिया ने कहा है कि साउथ चाइना सी में आईलैंड्स तक बीजिंग की पहुंच रोकने के लिए अमेरिका को एक बड़ी जंग छेड़नी पड़ेगी। चीन की तरफ से यह बयान यूएस के भावी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन की चेतावनी के बाद सामने आया है। बता दें कि टिलरसन ने कहा था कि अमेरिका चीन को साफ तौर पर यह संकेत देगा कि उसे इस विवादित सी के आईलैंड्स खाली कर देने चाहिए।

चीन ने और क्या कहा…
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, चीन के न्यूजपेपर ग्लोबल टाइम्स ने अपने एक इंग्लिश एडीटोरियल में कहा है, “चीन को रोकने के लिए अमेरिका को साउथ चाइना सी में बड़े पैमाने पर एक जंग छेड़नी पड़ेगी।”
– “टिलरसन अगर एक बड़ी परमाणु ताकत को उसके इलाकों से निकालना चाहते हैं तो उन्हें बेहतर न्यूक्लियर पावर स्ट्रैटजी बनानी होगी।”
– अखबार ने यह भी लिखा है कि इस बात की ज्यादा संभावना है कि कांग्रेस टिलरसन के चयन को वीटो कर दे।
– बता दें कि अमेरिका के प्रेसिडेंट-इलेक्ट डोनाल्ड ट्रम्प ने एक्सॉन मोबिल कॉर्पोरेशन के चेयरमैन और पूर्व सीईओ टिलरसन को अपना विदेश मंत्री चुना है।
– लेकिन टिलरसन की नियुक्ति पर मुहर तभी लग सकती है जब यूएस सीनेट उसे मंजूरी दे दे।
…तो वियतनाम-फिलीपींस पर भी लगे रोक
– ग्लोबल टाइम्स की वेबसाइट पर चीनी भाषा में पब्लिश ऐसे ही एक और आर्टिकल में अमेरिकी कोशिश पर कई सवाल उठाए गए हैं।
– अखबार ने कहा है, “चीन की पहुंच को रोकने का मतलब है कि वियतनाम और फिलीपींस को भी वहां घुसने से रोका जाना चाहिए।”
इंटरनेशनल कोर्ट का फैसला माने चीन : अमेरिका
– अमेरिका कई बार चीन से हेग स्थित इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन का फैसला मानने को कह चुका है।
– जुलाई 2016 में इंटरनेशनल कोर्ट ने फिलीपींस के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा था कि इस इलाके पर चीन का कोई ऐतिहासिक हक नहीं है। हालांकि चीन स्टैटजिक वाटरवे के 90% हिस्से पर अपना दावा करता है।
– इस केस में पिटीशन लगाने वाले फिलीपींस का आरोप था कि स्ट्रैटजिकली अहम माने जाने वाले इस इलाके में चीन ने रिसोर्सेस का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किया है।
और क्या कहा था टिलरसन ने?
– टिलरसन बीते बुधवार को अपने नॉमिनेशन को कन्फर्म करने से जुड़ी सुनवाई के लिए यूएस सीनेट की फॉरेन रिलेशंस कमेटी के सामने पेश हुए थे।
– उसी दौरान उन्होंने कहा था, “हम चीन से कहेंगे कि वह आईलैंड्स पर कंस्ट्रक्शन बंद कर दे। यह गैरकानूनी है।”
– “चीन से यह भी कहेंगे कि साउथ चाइना सी के आईलैंड्स में आपके दखल की इजाजत नहीं है।”
– टिलरसर ने कहा था, “इस एरिया में चीन की गतिविधियां चिंता पैदा करती हैं। मुझे यही लगता है कि इस पर रिस्पॉन्स नहीं दिए जाने से ही वह इस दिशा में आगे बढ़ रहा है।”
क्या है साउथ चाइना सी विवाद?
– साउथ चाइना सी के विवादित हिस्से पर चीन के अलावा 5 देश (फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ताइवान और ब्रुनेई) अपना-अपना दावा पेश करते हैं।
– चीन का दावा है कि एनर्जी से भरपूर साउथ चाइना सी में जहाजों के जरिए हर साल करीब 5 लाख करोड़ डॉलर का ट्रेड होता है।
– पड़ोसी देश ब्रूनेई, मलेशिया, ताइवान और वियतनाम भी ऐसा ही दावा करते हैं।
– साउथ चाइना सी का करीब 35 लाख स्क्वेयर km का एरिया विवादित है। इसमें तेल और गैस के बड़े भंडार दबे हुए हैं।
– वियतनाम इस इलाके में भारत को तेल खोजने की कोशिशों में शामिल होने का न्योता दे चुका है।
– चीन ने 2013 के आखिर में एक बड़े प्रोजेक्ट के जरिए पानी में डूबे रीफ एरिया को आर्टिफिशियल आइलैंड में बदल दिया था।

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