ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी

यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल जाने वालों के लिए गुड न्यूज, पढ़िए पूरी खबर

दिल्ली से यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल जाने वाले रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली-हावड़ा के सफर का समय साढ़े पांच घंटे कम करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। रेल मंत्रालय इस रूट की राजधानी, शताब्दी और दुरंतो ट्रेनों की रफ्तार 130 से बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा करने जा रहा है। देश के दूसरे सबसे व्यवस्थ रूट दिल्ली-मुंबई पर ट्रेनों की रफ्तार 160 किलोमीटर की जाएगी। एक फरवरी को पेश होने वाले आम बजट में दोनों रूट को सेमी हाई स्पीड करने की घोषणा हो सकती है।

सूत्रों ने बताया कि दिल्ली-आगरा के बीच 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार पर गतिमान चलाने के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु दिल्ली-हावड़ा (1537 किलोमीटर) रूट को सेमी हाई स्पीड बनाने की योजना में जुट गए हैं। इसके तहत राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस व दुरंतो ट्रेनों को अधिकतम 160 किलोमीटर प्रतिघंटा से चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में दिल्ली-हावड़ा रूट पर राजधानी एक्सप्रेस की अधिकतम 110 से 130 किलोमीटर प्रतिघंटा चल रही है। पुराने पुल, पुराने रेलवे ट्रैक, कमजोर प्वांट, पारंपरिक सिगनल सिस्टम के चलते राजधानी की औसत रफ्तार 94 किलोमीटर रहती है।

इसलिए राजधानी ट्रेन दिल्ली से हावड़ा 19.20 घंटे में पहुंचती है। लेकिन रफ्तार बढ़ाने से राजधानी एक्सप्रेस की औसतन रफ्तार 110 से 112 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी। जिससे दिल्ली-हावड़ा 14 घंटे से कम समय में पहुंचा जा सकेगा। यानी 1537 किलोमीटर की दूरी तय करने का समय लगभग साढ़े पांच घंटे कम हो जाएगा। इसी प्रकार दिल्ली-हावड़ा रूट पर राजधानी, शताब्दी व दुरंतो ट्रेनों की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रतिघंटा करने की योजना है। इस रूट पर राजधानी दिल्ली से मुंबई (1385 किलोमीटर) पहुंचने में 15.50 घंटे लेती है। रफ्तार बढ़ने से राजधानी 11 घंटे में मुंबई पहुंच जाएगी।

सूत्रों का कहना है कि रेल मंत्री सुरेश प्रभु दूसरे चरण में दोनों रूट पर ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 200 किलोमीटर प्रतिघंटा तक करने की योजना बना रहे हैं। सेमी हाई स्पीड कॉरिडोर (160 से 200 किलोमीटर) की रफ्तार के लिए बनाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि राजधानी, शताब्दी, दुरंतो की रफ्तार 160 किलोमीटर बढ़ने से दिल्ली-कोलकता और दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक की क्षमता स्वत: बढ़ जाएगी। इससे इस रूट पर चल रही मेल-एक्सप्रेस, सुपरफास्ट ट्रेनों की औसत रफ्तार बढ़ने से सफर का समय घटेगा। वहीं, नई ट्रेनों को चलाने का रास्ता साफ होगा।

सूत्रों ने बताया कि दिल्ली-कोलकाता और दिल्ली-मुंबई रूट को सेमी हाई स्पीड बनाने के लिए 21,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा। योजना को समयबद्ध तरीके से तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। दिल्ली-आगार के बाद कानपुर तक रफ्तार बढ़ेगी। चरणबद्ध तरीके से अगले तीन साल में समूचे रूट पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने का लक्ष्य है। आम बजट में आवंटित धन से पुराने ट्रैक को बदलकर नया किया जाएगा। सिग्नल सिस्टम को आधुनिक बनाया जाएगा। रेलवे क्रासिंग पर आरओबी (रेलवे अंडर ब्रिज) व आरयूबी (रेलवे अंडर पास) बनाए जांएगे। शहरी क्षेत्रों के पास दिल्ली-हावड़ा व दिल्ली-मुंबई रूट पर चारदीवारी बनाई जाएगी। जिससे अनाधिकृत रूप से वाहन, लोग अथवा जानवर रूट पर नहीं हो सकेंगे।

खराब मौसम, कोहरे और बारिश में ट्रेनों की रफ्तार बनाए रखने के लिए दोनों रूट पर यूरोप की तकनीकी टीपीडब्ल्यूएस (ट्रेन प्रोटेक्श्न एंड वार्निंग सिस्टम) लगाया जाएगा। इंजन व सिगनल में लगे डिवाइस सेंसर के जरिए लाल सिग्नल से पहले टीपीडब्ल्यूएस टे्रन में स्वत: ब्रेक लगा देती है। ड्राइवर को सिगनल देखने के लिए बाहर नहीं देखना पड़ता है। तीन सिगलनों की स्थिति वह अपने इंजन में लगे टीवी स्क्रीन पर देख सकता है। दोनों रूट के विद्युत सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा। आधुनिक एचएचबी कोच व शक्तिशाली इंजनों से ट्रेनों चलाई जाएंगी।

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