अब कश्मीर में भी दौड़ेगी मेट्रो ट्रेन, जल्द शुरू होगा काम

जम्मू

कश्मीर घाटी में मेट्रो ट्रेन का सपना जल्द पूरा होगा. एक अप्रैल 2017 से घाटी में मेट्रों ट्रेन (मास रेपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम) प्रोजेक्ट का सर्वे शुरू होने जा रहा है. सोमवार को मेट्रो प्रोजेक्ट शुरू करने को लेकर डिविजनल कमिश्नर बसीर अहमद खान ने उच्च स्तरीय बैठक करके अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए.

बैठक में अडिशनल कमिश्नर कश्मीर, डिप्टी कमिश्नर श्रीनगर, चीफ इंजीनियर आरएंडबी, पीडीडी, पीएचई, जनरल मैनेजर एसआरटीसी, चीफ कंट्रोलर नार्दन रेलवे व अन्य कई विभागों के अधिकारी मौजदू थे. डिवकाम ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के डीपीआर को तैयार करने की जिम्मेदारी एमएस राइटस लिमिटेड को सौंपी गई है.

यह कंपनी रेल मंत्रालय में पंजीकृत है. बैठक में एमएस राइटस के अधिकारियों ने पावर प्वाइंट के जरिए प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट पेश करके बताया कि किस प्रकार इस पर काम किया जाना है. इसमें दिखाया कि मेट्रो ट्रेन जमीन के 15 मीटर नीचे 35 किलोमीटर प्रति किलोमीटर की रफतार से चलेगी. प्रत्येक स्टेशन पर इसका 20 मिनट का स्टाप होगा. मेट्रों ट्रेन के सफर के लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई.

बैठक में बताया कि इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 15881 करोड़ रुपये है और इसके सर्वे का काम एक अप्रैल 2017 से शुरू होगा और एमएस राइटस लिमिटेड सितंबर 2017 में सर्वे का काम पूरा करके ड्राफ्ट डीपीआर राज्य सरकार को सौंपेगी. कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि डीपीआर को तीन कॉरिडोर में तैयार किया जाएगा.

पहले कॉरिडोर एचएमटी जंक्शन से पठाचौक बस स्टैंड तक होगा और इसके बीच कमरवारी, बटमालू बस स्टैंड, लाल चौक, सोनावर और बादामीबाग इलाके होंगे. दूसरे कॉरिडोर ओसामाबाद से श्रीनगर एयरपोर्ट तक होगा और इसमें सौरा, आलगगिरी बाजार, जामिया मस्जिद, खनयार, लाल चौक, जवाहर नगर, रामबाग, हायदरपोरा के इलाके होंगे.

तीसरा कॉरिडोर एचएमटी से पठा चौक तक होगा और इसमें स्टेट मोटर गैरेज, बेमिना, गुलबर्ग कालोनी और हायदर पोरा के इलाके होंगे. इसकी कुल लंबाई 58 किलोमीटर है. डिवकाम ने श्रीनगर मास्टर प्लान और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर भी अधिकारियों को विवरण एकत्र करने के निर्देश दिए. उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने को कहा और एक महीने में डाटा जुटाकर देंगे.

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