पुर्तगाल के PM एंटोनियो कोस्टा का गोवा में गर्मजोशी से स्वागत हुआ

पुर्तगाल के प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा गोवा में अपने पूर्वजों की भूमि पर पहुंचे तो उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया और मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पार्सेकर ने इसे राज्य की जनता के लिए गौरव का क्षण कहा. कोस्टा ने मुख्यमंत्री पार्सेकर से बातचीत भी की जिसमें पर्यटन, विज्ञान, समुद्र विज्ञान, भाषा और धरोहरों के विषय पर विचार-विमर्श हुआ. 55 वर्षीय कोस्टा इस तटीय राज्य की अपनी दो दिन की यात्रा में मड़गांव स्थित अपने पैतृक घर भी जाएंगे.

पार्सेकर ने कोस्टा के साथ आधे घंटे की मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, हमने पुर्तगाली प्रधानमंत्री से धरोहर, पर्यटन, विज्ञान, समुद्रविज्ञान, पुर्तगाली भाषा और अन्य कई मुद्दों पर चर्चा की. हम इन क्षेत्रों में पुर्तगाल के साथ संबंध बनाना चाहते हैं. उप मुख्यमंत्री फ्रांसिस डिसूजा ने बताया कि पुर्तगाल की सरकार के अनुरोध पर कोस्टा के आगमन पर आयोजित एक स्वागत समारोह को रद्द कर दिया गया क्योंकि यह देश अपने पूर्व राष्ट्रपति मारियो सोर्स के निधन पर शोक मना रहा है जो पुर्तगाल में लोकतंत्र के संस्थापक थे.

पार्सेकर ने कहा, प्रधानमंत्री ने चुनावों के बाद मुझे पुर्तगाल आने का न्योता दिया ताकि हम विस्तार से चर्चा कर सकें उन्होंने कहा कि गोवा के इस यूरोपीय देश से सदियों पुराने संबंध हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, जाहिर है कि आजादी के बाद पिछले 55 सालों में हम अच्छा कामकाज कर रहे हैं, लेकिन इस राज्य को समान नागरिक संहिता पुर्तगाल ने दी. उन्होंने यह भी कहा कि पुर्तगाल आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भी भारत के साथ खड़ा है.

पार्सेकर ने कहा, उरी आतंकवादी हमले के दौरान पुर्तगाल आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में उसका समर्थन करने वाले देशों का नेतृत्व कर रहा था. आतंकवादियों के ठिकानों की पहचान करना, उनके वित्तपोषकों का पता लगाना तथा उन्हें समाप्त करना वैश्विक चुनौती है. इस लड़ाई में पुर्तगाल भारत के साथ है. कुछ स्थानीय राजनीतिक दलों ने मांग की थी कि कोस्टा को करीब पांच सदियों तक गोवा को पुर्तगाल का उपनिवेश बनाने के लिए माफी मांगनी चाहिए.

इस बारे में पूछे जाने परे पार्सेकर ने कहा, गोवावासियों को इस बात पर गर्व होना चाहिए कि गोवा मूल का एक व्यक्ति आज पूरे पुर्तगाल की कमान संभाल रहा है. उन्होंने कहा, मैं कोई विवाद नहीं खड़ा करना चाहता. खासकर जबकि चुनाव नजदीक हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, दरअसल यह शख्स गर्व से इस बात को दर्शाता है कि उनका मूल गोवा में हैं. इस लिहाज से मुझे लगता है कि हम गोवावासियों को गर्व महसूस होना चाहिए. हम सभी के लिए यह गर्व का विषय है.

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