ग्राम रोजगार सेवकों के लिए मुसीबत बने नए आदेश

नेरचौक : ग्राम रोजगार सेवक ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशों से सकते में हैं। ग्राम सेवकों का कहना है कि एक तो वो दैनिक भोगी हैं और वहीं विभाग के नित नए नियमों से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि ग्राम सेवक Android फोन खरीदें और मनरेगा के तहत होने वाले कामों के पूरा होने पर भुवन एप के जरिए जीईओ को टैग करें।

ग्राम सेवकों के लिए सरकार ने दैनिक भोगी की पॉलिसी बनाई है, जिसमें 242 रुपये की दिहाड़ी निश्चित की गई है। पॉलिसी में ये दर्शाया गया है कि दिहाड़ीदारों को महीने की सात तारीख से पहले वेतन दे दिया जाएगा, लेकिन तीन महीने होने को हैं, अभी तक एक महीने का वेतन भी नहीं दिया गया है। इससे सभी ग्राम सेवकों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पॉलिसी में ये भी दर्शाया गया है कि सभी ग्राम सेवकों को अपने हेड सर्कल से आठ किलोमीटर दूर सेवाएं दे रहा है, उसे किराया भत्ता भी दिया जाएगा, मगर किसी भी ग्राम सेवक को किराया भत्ता नहीं दिया जा रहा है और कई तो तीस से चालीस किलोमीटर दूरदराज की पंचायतों में सेवाएं देने जा रहे हैं। विभाग मनरेगा एक्ट को सिर्फ ग्राम रोजगार सेवकों के ऊपर ही लागू कर रहा है।

ग्राम सेवकों की आर्थिक हालत इतनी कमजोर है कि वो अपने परिवार का खर्चा बड़ी मुश्किल से चला रहे हैं तो फोन कहां से खरीदें और नेट कैसे चलाएं। ग्राम रोजगार संघ ने मांग की है कि फोन और नेट के लिए सरकार अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान करें। संघ के प्रदेश संयुक्त कार्रवाई समिति के अध्यक्ष और महामंत्री अनिल सिपहिया का कहना है कि ग्राम रोजगार सेवक संघ जल्द ही अपनी समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिलेगा।

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