बर्फबारी से बढ़ा पानी से होने वाले रोगों का खतरा, जानिए इन बीमारियों से कैसे बचें

मंडी : जिला में बारिश और बर्फबारी से पेयजल स्त्रोत दूषित हो गए हैं। दूषित पानी के सेवन से जलजनित रोग फैलने का भी खतरा बढ़ गया है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और सभी खंडों में जरूरी निर्देश जारी किए हैं, ताकि लोगों को बीमारी की चपेट में आने से बचाया जा सके। जिला के ऊपरी क्षेत्रों में पांच दिन से बर्फबारी व निचले क्षेत्रों में बारिश हो रही है। इससे जहां कुछ पेयजल स्रोत भूस्खलन होने से मलबे तले दब गए हैं, वहीं कई स्त्रोतों में मिट्टी आदि भर जाने से पानी के स्त्रोत दूषित हो गए हैं।

इन स्त्रोतों से लोगों के घरों में पानी की सप्लाई हो रही है। दूषित पेयजल स्त्रोतों से पानी की सप्लाई होने से लोगों में डायरिया, उल्टी, दस्त आदि जलजनित रोग फैलने का खतरा बना हुआ है। ऐसे कुछ मरीज अस्पताल में पहुंच भी रहे हैं। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। जिला के समस्त स्वास्थ्य खंडों को ऐसी स्थिति से निपटने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही विभाग के अधिकारियों को लोगों को भी जागरूक करने को कहा गया है, ताकि बीमारी फैलने से पहले ही उसकी रोकथाम की जा सके।

उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मंडी डॉ. देशराज शर्मा ने बताया कि बर्फबारी और बारिश से पेयजल स्त्रोत दूषित हो गए हैं। इनमें मिट्टी व गाद आदि भर गई है। दूषित पानी पीने से जलजनित रोग फैलने की संभावना बढ़ जाती है। इसको देखते हुए विभाग सतर्क है और ऐसी स्थिति से निपटने के लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।

सुझाव

1. लोग पानी उबाल कर पीयें

2.कम से कम 15 मिनट तक पानी को उबालें

3.पानी को कपड़े से छानकर उसका सेवन करें

4. ठंडा पानी न पीयें

5. बर्फ का पानी पीने से परहेज करें।

6. उल्टी, दस्त, बुखार होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लें

7. क्लोरिनेशन की जाए

8. पानी में ब्लीचिंग पाउडर डाला जाए

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