जियो मामले में ट्राई के खिलाफ एयरटेल ने तेज की कानूनी लड़ाई

दिल्ली

भारती एयरटेल ने टेलीकॉम सेक्टर को रेगुलेट करने वाले ट्राई के खिलाफ कानूनी लड़ाई तेज कर दी है. उसने दूरसंचार प्राधिकरण में एक और हलफनामा दाखिल किया है, जिसमें रेगुलेटर पर रिलायंस जियो इंफोकॉम को प्रमोशनल ऑफर्स के मामले में नियम तोड़ने की इजाजत देने का आरोप लगाया गया है. एयरटेल ने कहा है कि ये ऑफर्स बाजार में खुली प्रतियोगिता के सिद्धांत के खिलाफ हैं.

टीडीसैट में एयरटेल ने मंगलवार को याचिका दायर की. उसमें उसने आरोप लगाया है कि ट्राई ने रिलायंस जियो इंफोकॉम को फ्री वॉयस और डेटा सर्विस देने की इजाजत दी है, जो इंटरकनेक्ट रूल्स का उल्लंघन है. कंपनी ने कहा है कि ट्राई का यह कदम ‘गैरकानूनी’ है. दो हफ्ते पहले एयरटेल ने टीडीसैट में याचिका दायर करके कहा था कि ट्राई को जियो के फ्री डेटा और वॉयस सर्विस को रोकने का निर्देश दिया जाए.

कंपनी ने कहा था कि इंटरकनेक्ट चार्ज से कम पर यह ऑफर दिया जा रहा है. यह ट्राई के अपने ही नियम का उल्लंघन है. रेगुलेटर ने अभी 14 पैसे प्रति मिनट का इंटरकनेक्ट चार्ज तय किया हुआ है. एयरटेल ने कहा था कि रिटेल टैरिफ इससे कम नहीं रखा जा सकता. कंपनी ने यह भी कहा था कि जियो 90 दिनों से अधिक समय तक फ्री सर्विस ऑफर कर रही है और ट्राई इसे चुपचाप देख रहा है.

एयरटेल ने कहा, ‘इंटरकनेक्ट चार्ज नियमों से खिलवाड़ ग्राहकों के हित में नहीं है क्योंकि इसके जरिये उसे गुमराह किया जा सकता है.’ वहीं, ट्राई ने जियो के हालिया प्रमोशनल टैरिफ प्लान ‘हैपी न्यू ईयर’ की पड़ताल के लिए टीडीसैट से और समय की मांग की है.

उसने जियो के पिछले फ्री ऑफर ‘वेलकम’ को नियम के मुताबिक बताया था. उसने जियो के शुरुआती ऑफर को 90 दिनों वाले नियम के हिसाब से सही पाया था. यह ऑफर 3 दिसंबर को खत्म हुआ था, जिसके बाद कंपनी ने 90 दिनों का हैपी न्यू ईयर ऑफर शुरू किया.

एयरटेल के नए हलफनामे में लगाए गए आरोप पर ट्राई का तुरंत जवाब नहीं मिल पाया. इस मामले में प्रतिक्रिया के लिए जियो से भी संपर्क नहीं हो पाया. हालांकि, पहले उसने कहा था कि उसके ऑफर नियम के मुताबिक हैं.

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