हमें शांति रखने में भरोसा, मौका पड़ा तो ताकत दिखाने में पीछे नहीं हटेंगे: आर्मी चीफ

दिल्ली

नवनियुक्त आर्मी चीफ बिपिन रावत ने पाकिस्तान को उसका नाम लिए बिना वॉर्निंग दी है. उन्होंने कहा कि फोर्स बॉर्डर पर शांति बनाए रखेगी, लेकिन जरूरत पड़ी तो ताकत दिखाने में पीछे नहीं हटेंगे. रावत ने ये भी कहा कि ईस्टर्न आर्मी कमांडर ले. जनरल प्रवीण बख्शी और सदर्न कमांडर ले. जनरल पीएम हैरिज बखूबी अपने काम को अंजाम देते रहेंगे.

बता दें कि रावत को बख्शी और हैरिज की सीनियरटी को नजरअंदज करके आर्मी चीफ बनाया गया है. उन्होंने ये भी कहा, “आर्मी की सभी यूनिट्स और सर्विसेस एकसाथ हैं. मैं उन्हें हमेशा एक यूनिट के रूप में ही देखूंगा. मुझे सेना प्रमुख बनाने का फैसला सरकार का है. जिन सीनियर्स के ऊपर मुझे लाया गया, वे मेरे साथ और आर्मी के हित में काम करते रहेंगे.”

रावत ने कहा, “हमारी पूरी कोशिश होगी कि बॉर्डर पर शांति व्यवस्था कायम रहे, लेकिन मौका पड़ा तो हम ताकत दिखाने से पीछे नहीं हटेंगे.” रावत ने ये बातें साउथ ब्लॉक में मीडिया के साथ चर्चा में कहीं. उन्होंने कहा, हमारा जवान, चाहे वो कहीं भी तैनात हो, मेरी नजरों में सब एक हैं. हम शांति चाहते हैं, इसका मतलब ये नहीं कि हम कमजोर हैं.”

रावत ने शनिवार को कार्यभार संभाला था. वे 27वें आर्मी चीफ हैं. सूत्रों के हवाले से पहले जानकारी मिली थी कि रावत को सभी ले. जनरल में बेस्ट पाया गया था. ये भी बताया गया था कि चुनौतियों से निपटने में वे बेहतर साबित होंगे.

माना जाता है कि रावत को कश्मीर का काफी तजुर्बा है. उन्हें ऊंचाई वाले स्थानों पर जंग और काउंटर-इनसर्जेंसी ऑपरेशन का भी अच्छा अनुभव है. रावत इंडियन मिलेट्री एकेडमी (आईएमए), देहरादून से ग्रेजुएट हैं. 1978 में यहां से उन्हें 11वीं गोरखा रायफल्स (5/33GR) की पांचवीं बटालियनल में कमीशंड मिला था. आईएमए में उन्हें “सोर्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया था.

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