सर्दियों में भी जारी रहेगा देश की सबसे लम्बी सुरंग का काम

मनाली

10 हजार फुट की ऊंचाई पर बन रही 8.8 किलोमीटर लम्बी देश की महत्वपूर्ण रोहतांग सुरंग का कार्य सर्दियों में भी जारी रहेगा. बी.आर.ओ. रोहतांग सुरंग परियोजना के चीफ  इंजीनियर डी.एन. भट्ट ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में जानकारी दी कि भारतीय टनलिंग इंजीनियरिंग में एक नया अध्याय जोडऩे वाली 4 हजार करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन रोहतांग टनल का कार्य युद्धस्तर पर जारी है.

विपरीत परिस्थितियों के बीच बी.आर.ओ. 2016 में काम को गति देने में सफल रहा है. साऊथ पोर्टल में 3965 मीटर जबकि नॉर्थ पोर्टल में 3663 मीटर खुदाई का कार्य पूरा कर लिया गया है. सर्दियों के चलते काम मई तक बंद करना पड़ा है लेकिन मनाली की ओर साऊथ पोर्टल पर कार्य युद्धस्तर पर जारी रहेगा.

डी.एन. भट्ट ने कहा कि सुरंग का खुदाई कार्य मात्र 1280 मीटर शेष रह गया है. रोहतांग सुरंग के दोनों छोरों को जोडऩे का लक्ष्य अगस्त, 2017 में रखा गया है जिसे हासिल करने के लिए बी.आर.ओ. एफकॉन-स्ट्राबेग और स्मैक कम्पनी मिलकर कार्य कर रही हैं. एफकॉन-स्ट्राबेग कम्पनी बुलंद हौसलों के साथ इन दिनों माइनस तापमान में कार्य को अंजाम दे रही है. यह रोहतांग सुरंग न केवल भारतीय सेना को मजबूती प्रदान करेगी बल्कि लेह और कारगिल जैसे महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों को मनाली के और समीप लाएगी. बी.आर.ओ. रोहतांग सुरंग परियोजना के निदेशक कर्नल संजय थपलियाल ने कहा कि इस बार बी.आर.ओ. सर्दियों में भी रोहतांग सुरंग के कार्य को युद्धस्तर पर जारी रखेगा.

स्ट्राबेग-एफकॉन कम्पनी के प्रोजैक्ट मैनेजर सुनील त्यागी ने कहा कि कम्पनी युद्धस्तर पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि कम्पनी समय पर टनल के खुदाई कार्य को अंजाम देगी. स्मैक कम्पनी के डिप्टी मैनेजर राजेश अरोड़ा ने कहा कि हिमालयन की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार डिजाइन में जरूरत के हिसाब से बदलाव करते हुए प्रोजैक्ट मैनेजर माइकल कास्टनर के नेतृत्व में एक बेहतरीन प्रोजैक्ट प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है.

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