पर्यटन स्थल कुफरी में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने किए कड़े इंतजाम

शिमला

पर्यटन स्थल कुफरी में कुफरी में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं. कुफरी में साफ-सफाई के लिए जिला प्रशासन ने क्या इंतजाम किए हैं, इसको लेकर प्रशासन ने न्यायालय में अपनी स्टेटस रिपोर्ट दायर कर दी है. न्यायालय ने जिला प्रशासन से इस पर्यटन स्थल की सफाई व्यवस्था को लेकर करीब 5 माह पहले जवाब मांगा था.

जिला प्रशासन ने इसमें स्पष्ट किया है कि कुफरी में सफाई व्यवस्था को लेकर उन्होंने कड़े नियम बनाए हैं और इसके तहत अब सभी घोड़ा मालिकों से शुल्क लिया जा रहा है. इसके साथ ही वहां पर घोड़ा मालिकों और सफाई कर्मचारियों को सफाई का जिम्मा सौंप दिया है. इसके अतिरिक्त यहां पर साडा की मदद से घोड़ों के आवागमन के लिए टनल बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया है. जिला प्रशासन का कहना है कि कुफरी में घोड़ा मालिकों के 8 ग्रुप बनाए गए हैं और ये ग्रुप अब पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर भी जिम्मेदार होंगे.

इसके तहत यहां पर करीब 8 पंचायतों के घोड़ा मालिकों के अलग-अलग ग्रुप बनाए गए हैं और साथ ही 1029 घोड़ों का पंजीकरण किया जा चुका है. अब पंजीकृत किसी भी घोड़ा मालिक द्वारा पर्यटकों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है तो ग्रुप का प्रधान उस पर कार्रवाई कर सकता है और उसका पंजीकरण रद्द भी कर सकता है.

इसके साथ ही प्रशासन का कहना है कि कोताही बरतने वाले घोड़ा मालिकों के ऊपर सी.सी.टी.वी. कैमरों द्वारा भी नजर रखी जा रही है और पर्यटकों से लिए जाने वाले शुल्क के संबंध में दरें तय कर दी गई हैं. अब घोड़ा मालिक केवल जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित दरें ही देशु पीक और महासु पीक तक घोड़े की बुकिंग करवाने के लिए ले सक ते हैं.

इसके साथ ही कुफरी में संचालित होने वाले घोड़ों में अब नाम की पट्टिका और पंजीकरण नंबर लगाना अनिवार्य कर दिया है. घोड़ों में ऐसी पट्टिका लगाना अनिवार्य है जिसे सभी को पढ़ने में आसानी हो. इसके साथ ही घोड़ा संचालन के लिए समयसीमा भी तय की गई है.

प्रशासन ने कुफरी में आने वाले पर्यटकों को मास्क लगाने के निर्देश दिए हैं और साथ ही घोड़ा मालिकों को डगबैग पहनने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने घोड़ा मालिकों को सैलानियों के साथ अच्छा व्यवहार करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही वहां पर प्रशासन बराबर नजर रखे हुए है.

कुफरी में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए वहां पर प्रशासन ने पुलिस बल भी तैनात किया है. प्रशासन का कहना है कि वहां पर ए.एस.आई. के नेतृत्व में 11 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि घोड़ा मालिकों पर नजर रखी जा सके और कानून एवं व्यवस्था स्थापित करने में कोई कोताही न हो.

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