धूमल ने जड़ा आरोप, कहा-आंतरिक लड़ाई में उलझी सरकार

शिमला

पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने नीति आयोग की तरफ से प्रदेश सरकार के विजन डाक्यूमैंट को नकारने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार व आंतरिक लड़ाई में उलझी प्रदेश सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण अफसरशाही ने पुराने ढर्रे पर काम करते हुए विजन डाक्यूमैंट तैयार किया, जिसे नीति आयोग ने नकारते हुए उसे प्रदेश सरकार को वापस कर दिया है.

सरकार की नकारात्मक कार्यप्रणाली का इससे बड़ा कोई दूसरा उदाहरण नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि 4 साल में प्रदेश के विकास पर ग्रहण लग गया है और नकारात्मक कार्यप्रणाली से लोग परेशान हैं.

धूमल ने कहा कि प्रदेश के दीर्घकालीन व संपूर्ण विकास के मद्देनजर नीति आयोग ने प्रदेश सरकार से 5 वर्ष, 7 वर्ष व 13 वर्ष के विकास कार्यक्रमों का विजन डाक्यूमैंट तैयार करने का आग्रह किया था, जिससे वह समयबद्ध तरीके से योजनाओं के निर्माण के लिए धन उपलब्ध करवा सके.

उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि वह विजन डाक्यूमैंट तैयार करते समय इस बात को स्पष्ट करे कि आगामी वर्षों में वह प्रदेश के विकास को किस राह पर ले जाना चाहती है. उन्होंने कहा कि केवल विजन डाक्यूमैंट तैयार करने में कांग्रेस सरकार की अकेली असफ लता नहीं है. इससे पहले भी कई अन्य मामलों में प्रदेश सरकार असफ ल साबित हुई है.

प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत समय पर डी.पी.आर. तैयार नहीं की गई। इसी तरह केंद्र सरकार से स्वीकृत 61 नैशनल हाईवे सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण धरातल पर नहीं उतर पा रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग भी करोड़ों रुपए की ग्रांट का सदुपयोग मात्र इसलिए नहीं हो पा रहा है क्योंकि अधिकारी समय पर डी.पी.आर. ही नहीं दे रहे हैं.

पंचायत व ग्रामीण विकास मंत्रालय में समय पर असैसमैंट रिपोर्ट न भेजे जाने की वजह से प्रदेश में सैंकड़ों विकास कार्य लटके हुए हैं. धूमल ने कहा कि सरकार की लापरवाही की सजा प्रदेश की निरीह जनता को उठानी पड़ रही है और इसकी सजा कांग्रेस को आगामी विधानसभा चुनाव में भुगतनी पड़ेगी.

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