पाक व हुर्रियत से वार्ता करे केंद्र: फारूक अब्दुल्ला

जम्मू

नेशनल कांफ्रेंस पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीर में अस्थिरता की स्थिति को दूर करने के लिए जरूरी है कि केंद्र सिर्फ पाकिस्तान के साथ ही वार्ता के दरवाजे न खोले बल्कि हुर्रियत से भी बातचीत करे.

नगरोटा विधानसभा क्षेत्र के रंगूरा में आयोजित जनसभा में फारूक उन लोगों पर भी जमकर बरसे जो हुर्रियत के साथ बातचीत का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि पीडीपी-भाजपा की तरफ अंगुली क्यों नहीं उठाई जा रही है, जिसके एजेंडा ऑफ एलायंस में कश्मीर समस्या के समाधान के लिए हुर्रियत समेत सभी वर्गों से बातचीत की बात कही गई है.

गठबंधन सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कश्मीर में स्थिति खराब नहीं है बल्कि जम्मू क्षेत्र में असमंजस जैसे हालात बनाए जा रहे हैं. जुलाई से शुरू हुई ¨हसा में अब तक कश्मीर में करीब एक सौ लोग मारे गए हैं, तीन सौ से अधिक युवाओं की आंखों को नुकसान पहुंचा है और बारह हजार से अधिक को गिरफ्तार किया गया है.

जम्मू में कमजोर वर्गों के लोगों को तंग किया जा रहा है. क्या यह लोग डोगरे नहीं हैं और जम्मू समाज का अहम हिस्सा नहीं है. फारूक ने चेताया कि अगर इन लोगों को तंग करने के प्रयास किए गए तो इसके गंभीर परिणाम होंगे. धर्म, जाति या क्षेत्र के नाम पर भेदभाव को स्वीकार नहीं किया जा सकता.

अगर मौजूदा सरकार ने ऐसा किया तो नेकां के विरोध का सामना करना पड़ेगा. फारूक ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को सलाह दी कि लोगों को परेशान न किया जाए. साथ ही नगरोटा क्षेत्र के लोगों से कहा कि उन्हें घबराने की जरूरत नही है, उन्हें कोई बाहर नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार ही कश्मीर में खराब हालात के लिए जिम्मेदार है.

पीडीपी को ओछी राजनीति से बाज आना चाहिए. गठबंधन सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है. मनरेगा के दिहाड़ीदारों को दिहाड़ी के पैसे नहीं मिले रहे हैं. कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है. इस दौरान पूर्व मंत्री मियां अल्ताफ, पार्टी के प्रांतीय प्रधान देवेंद्र सिंह राणा ने भी संबोधित किया.

Share With:
Rate This Article