हेल्पिंग हेल्पलेस संस्था की मदद से स्वदेश लौटे सऊदी में फंसे 19 युवक

जालंधर

सऊदी अरब में एजेंट के झांसे में आकर फंसे मोगा, फरीदकोट और मुक्तसर के 19 लड़कों को हैल्पिंग हेल्पलेस संस्था की मदद से वतन वापस लाया गया. जिसके बाद से सभी युवक संस्था का शुक्रिया अदा कर रहे हैं.

बताया जा रहा है कि मोगा, फरीदकोट और मुक्तसक के 19 युवकों ने सुनहरे भविष्य का सपना देखकर विदेश का रुख किया, लेकिन जालसाजों के झांसे में आकर, ये सभी युवक पिछले कुछ सालों से नर्क जैसा जीवन गुजारने को मजबूर थे.

करीब ढाई साल पहले एक एजेंट ने इन युवकों को विदेश में अच्छी नौकरी दिलवाने का झांसा दिया. एजेंट की बड़ी-बड़ी बातों में आकर युवक उसके झांसे में फंस भी गए और साऊदी अरब में ड्राइविंग और मशीन ऑपरेटर की नौकरी करने के लिए इन्होंने जालसाज एजेंट को एक-एक लाख रुपए दे दिए, लेकिन साऊदी पहुंचने पर युवकों के साथ बर्बता की सारी हदें पार कर दी गईं, इनके पासपोर्ट कंपनी ने जब्त कर लिए और इन्हें खेतों में मजदूरी के लिए लगा दिया गया.

देखते ही देखते हालात ऐसे बनते गए कि ये लोग ना तो वतन वापस आ सकते थे और ना ही वहां कोई और काम कर सकते थे. ऐसे में इन्होंने विदेशों में फंसे लोगों की मदद करने वाली एक संस्था के आगे न्याय की गुहार लगाई. हेल्पिंग हेल्पलेस नाम की इस संस्था ने इन युवकों के दर्द को समझा और संस्था की को-फाउंडर अमनजोत कौर रामुवालिया ने इन्हें बचाने की मुहीम शुरू की.

फिलहाल, सभी युवक अब वतन सुरक्षित लौट आए हैं और संस्था का शुक्रिया अदा कर रहे है, लेकिन विदेशों में ना जाने कितने ही इन जैसे लोग जालसाजों के झांसे में आकर फंसे हुए है, जिन्हें वतन लाने के लिए सरकार को आगे आने की जरूरत है.

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