चेन्नई: AIADMK से निष्कासित सांसद शशिकला पुष्पा के पति पर हमला

चेन्नई: AIADMK से निष्कासित सांसद शशिकला पुष्पा के पति पर हमला

चेन्नई

अन्नाद्रमुक के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को पार्टी की निष्कासित सांसद शशिकला पुष्पा के पति पर हमला करके उन्हें घायल कर दिया. उन पर आरोप लगाया गया कि नया महासचिव चुनने के लिए पार्टी की आम परिषद की गुरुवार को होने वाली बैठक से पहले वह कानून व व्यवस्था की समस्या पैदा करने की कोशिश कर रहे थे.

शुरुआती खबरों में बताया गया कि जिस व्यक्ति पर हमला किए जाने के बाद उसके शरीर से काफी खून निकल रहा था, वह पुष्पा का वकील है लेकिन बाद में स्पष्ट किया गया कि वह पुष्पा के पति लिंगेश्वर थिलागन हैं. उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. पुलिस ने बताया कि कोई और व्यक्ति घायल नहीं हुआ है.

अन्नाद्रमुक समर्थकों ने थिलागन पर मुक्के से प्रहार किया. इससे उनके नाक से खून बहने लगा. थिलागन को वहां से जाने को कहा गया था लेकिन वह तब भी वहां रुके हुए थे. उन्हें पुलिस ने बचाया और प्राथमिक उपचार के लिए उन्हें वहां से हटाया. वहीं क्रुद्ध पुरुष और महिलाओं को उन्हें गाली देते हुए देखा गया.

अन्नाद्रमुक कार्यकर्ता इस बात की सूचना मिलने के बाद ही पार्टी मुख्यालय पर जमा होने लगे कि आम परिषद की गुरुवार को होने वाली बैठक से पहले संभवत: निमंत्रण हासिल करने के लिए पुष्पा वहां आ सकती हैं. पुष्पा को इससे पहले जयललिता ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निष्कासित कर दिया था. यह महसूस किया गया कि वह शीर्ष पद के लिए चुनाव लड़ने का प्रयास भी कर सकती हैं.

पुष्पा कथित तौर पर नया महासचिव नियुक्त किए जाने के लिए शशिकला की योग्यता पर सवाल खड़े कर रही थीं. यह मांग पार्टी कार्यकर्ताओं का एक हिस्सा कर रहा है. पार्टी प्रवक्ता सीआर सरस्वती ने पुष्पा पर आम परिषद की बैठक से पहले कानून व व्यवस्था की समस्या पैदा करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘शशिकला पुष्पा गुरुवार को होने वाली आम परिषद की बैठक से पहले कानून व व्यवस्था की समस्या पैदा करना चाहती हैं.

उन्हें पहले संसद की सदस्यता से इस्तीफा देने दें क्योंकि अम्मा ने उन्हें राज्यसभा का सदस्य बनाया था.’ उन्होंने आरोप लगाया कि पुष्पा के घायल पति जान बूझकर पार्टी मुख्यालय पर रुके रहे जबकि उनसे वहां से जाने को कहा गया था और ऐसा समस्या पैदा करने के लिए किया गया.

सरस्वती ने कहा, ‘वह (पुष्पा) अब अन्नाद्रमुक में नहीं हैं. आम परिषद में सिर्फ सदस्यों को अनुमति है और विशेष अतिथियों को भी नहीं आमंत्रित किया जाता.’ हिंसा पर पार्टी के अन्य प्रवक्ता सी. पोन्नायन ने कहा, ‘अगर कोई आपके घर में प्रवेश करता है और समस्या पैदा करता है तो इसका परिणाम है—-क्रिया की प्रतिक्रिया होती है.’

पोन्नैयन ने कहा, ‘हालांकि, हम हिंसा को सही नहीं ठहराते हैं क्योंकि यह आंदोलन एमजीआर (एम जी रामचंद्रन) ने शुरू किया था और इसे अम्मा (जयललिता) ने आगे बढ़ाया और यह हिंसा की अनदेखी नहीं करता है.’इस बीच, दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता की करीबी सहयोगी रहीं शशिकला के साथ जाहिर तौर पर मतभेद के बाद वरिष्ठ पार्टी नेता और फिल्मस्टार आनंदराज ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. आनंदराज ने कहा कि उन्होंने पार्टी को अपना इस्तीफा भेज दिया है. आनंदराज ने कहा, ‘उनकी पार्टी में किसी के साथ निजी शत्रुता नहीं है.

मुझे गुरुवार की आम परिषद के लिए आमंत्रित नहीं किया गया. किसी को भी महासचिव निर्वाचित होने दें. मैंने अपना इस्तीफा भेज दिया है.’ आनंदराज शीर्ष पद पर जयललिता के उत्तराधिकारी के मुद्दे पर भी कुछ टिप्पणियां कर रहे थे. उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि जयललिता के साथ किसी की भी तुलना नहीं की जानी चाहिए.

मौजूदा स्थिति में, एक सरकारी अधिकारी तक अम्मा का नाम ले रहा है. वह जाहिर तौर पर पूर्व मुख्य सचिव पी राम मोहन राव का जिक्र कर रहे थे. उन्होंने कहा कि जयललिता के नाम का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए.

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