परमाणु बम से भी ज्यादा खतरनाक है यह डैम, 15 लाख लोगों पर मंडरा रही मौत

बगदाद

इराक में पनबिजली तैयार करने के लिए बनाया गया मोसुल बांध 1980 से अब तक अपनी कमियों के बावजूद टिका हुआ है लेकिन यह बांध अब कभी भी दरक सकता है और यदि वह किसी कारण टूटा तो उसके पानी से जल प्लावन की स्थिति आ जायेगी और लोगों को बचाना मुश्किल हो जायेगा. इससे टिगरिस नदी के आसपास की आबादी डूब जायेगी.

बांध की मरम्मत चल रही है फिर भी यह किसी भी क्षण टूट सकता है. बांध में इतना पानी है, जो आतंकी संगठन आईएस के कब्जे वाले शहरों को बहा ले जाने और बगदाद को जलमग्न करने के लिए काफी है. ये बांध 2014 में कुछ समय के लिए इस्मालिक स्टेट के नियंत्रण में था जिसके कारण इसकी मरम्मत के काम में बाधा आई. बग़दाद में अमरीकी दूतावास के मुताबिक, बांध ध्वस्त होने की सूरत में बाढ़ का पानी लगभग उन 15 लाख लोगों की मौत का कारण बन सकता है जो टिगरिस नदी के आसपास रहते हैं.

संयुक्त राष्ट्र में इराक के प्रतिनिधि मोहम्मद अली अलहाकिम ने इराकी सरकार की ओर से बांध का जलस्तर कम करने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी देते हुए बांध के इलाके में और इसके आसपास रह रहे लोगों को चेताया है कि बांध के ढहने का खतरा सिर पर मंडरा रहा है. अलहाकिम ने कहा कि हमने अपने नागरिकों से चौकस व सतर्क रहने के लिए कहा है.

मोसुल बांध की क्षमता लगभग 1.25 करोड़ घनमीटर पानी की है और यह देश के उत्तरी हिस्से में बाढ़ ला सकता है. बांध पर फिलहाल अमेरिका-इराक की फौजों का कब्जा है, लेकिन मोसुल शहर और आसपास के क्षेत्र जिनमें बांध के टूटने से नुकसान हो सकता है, वे आईएस के कब्जे में हैं.

ये इराक़ का सबसे बड़ा बांध है लेकिन 1984 में निर्माण पूरा होने के बाद से ही इसमें कई खामियों की बात कही जाती रही है. इस बांध पर आईएस का नियंत्रण सिर्फ 11 दिनों तक रहा, इसके बाद सरकार का दोबारा नियंत्रण होने के बाद भी वहां काम कर रहे ज़्यादातर लोग काम पर नहीं लौटे और इसकी नियमित मरम्मत फिर से शुरू नहीं हो पाया.

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