बिहार सरकार का बड़ा फैसला, न्यायिक सेवा में 50 फीसदी आरक्षण को दी मंजूरी

पटना

बिहार सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए. बैठक में राज्य सरकार ने न्यायिक सेवाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला लिया है. यह आरक्षण न्यायिक सेवा में सीनियर और जूनियर डिविजन दोनों में बराबर रूप से मिलेगा.

इससे पहले आरक्षण का फायदा सिर्फ जूनियर डिविजन को ही मिल रहा था और उसका भी दायरा सीमित था. यह मांग पिछले काफी समय से उठाई जा रही है थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने इस पर अब मुहर लगाई है.

मंत्रिमंडल सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग प्रधान सचिव और डीएम गंगवार ने सरकार के इस फैसले की जारकारी दी. बताया जा रहा है कि कैबिनेट बैठक में यह मुद्दा उठाए जाने से पहले सरकार ने हाईकोर्ट और बिहार लोक सेवा आयोग से भी परामर्श लिया था, जिस पर दोनों ने सहमति जताई थी.

वहीं सरकार की कोशिश है कि 1 जनवरी 2017 तक न्यायिक सेवा में आरक्षण से जुड़ी सभी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए. साथ ही इस बात पर भी गौर किया जा रहा है कि 30 जून 2017 पूर्व न्यायिक सेवा में खाली पदों को भी भरने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए.

राज्य सरकार के इस फैसले के बाद न्यायिक सेवा में अति पिछड़ा वर्ग को 21 प्रतिशत, अन्य पिछड़ा वर्ग को 12 प्रतिशत, अनुसूचित जाति को 16 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति को 1 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा. वहीं सभी वर्गो में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा जबकि दिव्यांग के लिए 1 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है.

बैठक में राज्य सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है. बिहार के शहीद जवानों के परिवार वालों की दी जाने वाली सहायता राशि में भी बढ़ोतरी की गई है. पहले शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली राशि पांच लाख रूपये थी जिसे सरकार ने बढ़ाकर 11 लाख रूपये कर दिया है.

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