बाल कैदियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कवायद, सोनीपत में फिर से शुरू की बोस्टल जेल

बाल कैदियों को मुख्यधारा से जोड़ने की कवायद, सोनीपत में फिर से शुरू की बोस्टल जेल

सोनीपत

छह साल बाद फिर से बोस्टल जेल शुरू कर दी गई है, यहां अंबाला से 66 बाल कैदियों को शिफ्ट किया गया है, बोस्टल जेल में 100 बच्चों को रखने की क्षमता है, महिला एवं बाल विकास मंत्री कवित जैन ने इस विशेष गृह का शुभारंभ किया.

इसमें आधुनिक सुविधाएं प्रदान की गई हैं, ताकि इसमें बंद किशोरों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जा सके, इसके अलावा मंत्री ने विशेष गृह में लाइब्रेरी शुरू करने के लिए 50हजार रुपए का अनुदान भी दिया है.
उन्होनें कहा कि ये बच्चें भले ही किसी गलत काम करने की वजह से बंद है लेकिन हमें इन्हें समाज की मुख्याधारा से जोड़ने के लिए कदम उठाने पड़ेंगे और हम चाहते है कि ये बच्चे अपना भविष्य खुद बनाए.

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