हिमाचल प्रदेश में 25 साल बाद क्रिसमस के दिन हुई बर्फबारी

शिमला

हिमाचल प्रदेश को कुदरत ने क्रिसमस का नायाब तोहफा दिया है. 25 साल बाद शिमला में क्रिसमस के दिन बर्फबारी हुई है. इससे पहले 25 दिसंबर 1991 को लोगों ने व्हाइट क्रिसमस का लुत्फ लिया था.

बारिश-बर्फबारी के साथ ही हिमाचल में बीते 100 दिन से अधिक का चल रहा सूखा रविवार को समाप्त हो गया है. शनिवार देर रात मौसम ने करवट बदली और राज्यभर में सुबह 3 बजे के बाद बारिश की बौछारे पड़ने लगी और देखते ही देखते पहाड़ो ने सफेद चादर ओढ़ ली.

दूसरी ओर बर्फबारी से पहाड़ी इलाको में जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है लेकिन पर्यटन स्थलों पर सैलानियों का आना बदस्तूर जारी है. शिमला के खड़ापत्थर में रोहड़ू के लिए जाने वाली सभी बसे बर्फबारी के कारण रास्ते में फंसी रहीं और इससे यात्रियों को घंटो परेशानी का सामना करना पड़ा.

बर्फबारी से करीब 20 बस रुट प्रभावित रहे और 25 से 30 बसे देरी से चली. बर्फबारी के कारण नारकंडा में गाडि़यों की आवाजाही बंद होने से बसों को बाया बसंतपुर चलाया गया.

रोहड़ू की चांशल घाटी में इस सीजन की सबसे अधिक बर्फबारी दर्ज की गई है और जिले का दुर्गम क्षेत्र डोडराक्वार शेष विश्व से कट गया है. किन्नौर जिले में भी बर्फबारी का क्रम रुक-रुककर जारी है.

जिला कुल्लू में मनाली-लेह मार्ग बर्फबारी के कारण यातायात के लिए बंद हो गया है तो जिला चंबा में चंबा जोत, चंबा-भरमौर मार्ग भी बाधित हुए है. हालांकि प्रशासन ने सभी मार्गो को खोलने का प्रयास तेज कर दिया है, लेकिन लगातार हो रहे हिमपात से प्रशासन की मुश्किले बढ़ गई है.

राज्य के निचले क्षेत्रों में बारिश ने लोगो को राहत दी है. करीब 4 माह से बारिश न होने से फसले सूखने की कगार तक पहुंच गई थी लेकिन हल्की बारिश ने लोगो को राहत दी है. कांगड़ा जिले मे धौलाधार की पहाडि़यों पर बर्फबारी हुई है और मैदान इलाको में हल्की बारिश हुई है.

मौसम विभाग ने शनिवार को पूर्वानुमान लगाया था कि उत्तरी पाकिस्तान से सक्रिय हुई पश्चिमी हवाएं शिथिल पड़ गई हैं और राज्य में बारिश की उम्मीद नहीं है, लेकिन रात को अचानक मौसम ने करवट बदली और बारिश व बर्फबारी हो गई.

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