नोटबंदी का मुख्य लक्ष्य अमीर व गरीबी की खाई को कम करना: रत्न लाल कटारिया

अम्बाला

अम्बाला लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं वित्त मंत्रालय की स्थायी समिति के सदस्य रत्न लाल कटारिया ने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया व भारत सरकार नोटबंदी के 50 दिन पूरा होने पर नोटबंदी के प्रभावों का गहराई से अध्ययन करेगी.

उन्होंने कहा कि विपक्ष नोटबंदी के मुद्दे पर बेरोजगारी बढ़ने के भ्रामक आंकड़े दे रहा है जबकि सच्चाई यह है कि नोटबंदी से पहले सितम्बर व अक्तूबर नोटबंदी के बाद नवम्बर व दिसम्बर में बेरोजगारी दर 6.7 प्रतिशत पर टिकी हुई है.

सांसद कटारिया ने कहा कि कल नोटबंदी पर समिति की बैठक में 4 एक्सपर्ट को बुलाया था और 12 जनवरी को वित्त मंत्रालय, 18 जनवरी को आर.बी.आई. गवर्नर उॢजत पटेल को बुलाया है.

हम सब मिलकर नोटबंदी पर मंथन करेंगे क्योंकि नोटबंदी का मुख्य लक्ष्य काला धन के कारोबारियों को दंडित करके देश में अमीर और गरीब की खाई को कम करना है. कटारिया ने दावा किया कि हमने कांग्रेस व अन्य दलों के 7 दशक के मुकाबले अढ़ाई साल में सैंकड़ों जनहित योजनाएं बनाकर ज्यादा काम किया है जिनसे लोग लाभांवित हो रहे हैं.

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